जबलपुर (ईएमएस)। पावर मैनेजमेंट कम्पनी ने 29 दिसम्बर को आदेश जारी कर प्रदेश के तीन वितरण कम्पनियों को फ्यूल सरचार्ज 1.05 प्रतिशत से वसूलने को कहा है। यह वसूली 24 जनवरी तक उपभोक्ताओं से की जायेगी। पूर्व में नवम्बर में फ्यूल सरचार्ज मायनस 2.23 प्रतिशत था। लेकिन अब इसमें 3 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है, इससे उपभोक्ताओं से औसतन 30/-रूपये की ज्यादा वसूली की जायेगी। पावर परचेस कीमत क्यों बढ़ी?.......... डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने बताया कि जब 22 सितम्बर से कोयले का कम्पेनसेशन सेस 400/- रूपये प्रति टन हटाया गया तब बिजली उत्पादन सस्ता होकर बिजली विक्रय रेट भी घटना चाहिये था। किन्तु पावर मेनेजमेंट कम्पनी द्वारा जारी आदेशों से यह खुलासा हुआ है की पावर परचेस कास्ट घटना तो दूर उल्टै वह बढ़ गयी है। अक्टूबर में वह 3 रूपये 53 पैसे / कि. वैट थी, उसमें 20 पैसे की बढ़ोत्तरी होकर नवम्बर में वह 3 रू. 73 पैसे हो गयी। उपभोक्ताओं पर दोहरी मार............. एक तरफ बिजली रेटस में 10.19 प्रतिशत की भारी वृद्धि का प्रस्ताव तो दूसरी तरफ फ्यूल सरचार्ज में भी वृद्धि। यह उपभोक्ताओं पर दोहरी मार है। जन संगठनों के रजत भार्गव, एड. वेदप्रकाश अधौलिया, टी.के. रायघटक, डी.के. सिंह, संतोष श्रीवास्तव, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, सुभाष चंद्रा, डी.आर. लखेरा, पी.एस. राजूपत, के.सी. सोनी आदियों ने विरोध जताकर जन आन्दोलन की चेतावनी दी है।