राज्य
14-Jan-2026
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- लूटकांड बना फैसले की वजह - बढ़ती कीमतें, बढ़ता खतरा - यह निर्णय किसी धर्म, समुदाय या परंपरा के खिलाफ नहीं बिलासपुर/रायपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ में ज्वेलरी कारोबार से जुड़ा एक अहम और बहस छेड़ने वाला फैसला सामने आया है। प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने बुर्का, नकाब, घूंघट, मास्क और हेलमेट पहनकर आने वाले ग्राहकों की सोने-चांदी की दुकानों में एंट्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला राज्य के सभी सर्राफा व्यापारियों पर लागू होगा। एसोसिएशन का कहना है कि यह कदम किसी भी समुदाय, वर्ग या परंपरा के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षा कारणों से उठाया गया है। दरअसल, हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में ज्वेलरी शॉप्स में चोरी, लूट और डकैती की घटनाएं सामने आई हैं। सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते ज्वेलरी शॉप्स अपराधियों के निशाने पर हैं। ऐसे में सर्राफा व्यापारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने बिलासपुर में मीडिया को बताया कि गरियाबंद जिले के नवापारा राजिम में हाल ही में एक ज्वेलरी शॉप से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए। इस बड़ी वारदात ने प्रदेशभर के ज्वेलरी कारोबारियों को झकझोर कर रख दिया। इसके बाद एसोसिएशन ने आपातकालीन बैठक बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से मंथन किया। कमल सोनी के अनुसार, “लूट और चोरी की घटनाओं में सबसे बड़ी समस्या अपराधियों की पहचान की होती है। जब आरोपी नकाब, बुर्का, घूंघट या हेलमेट पहनकर आते हैं, तो CCTV फुटेज होने के बावजूद उनकी पहचान मुश्किल हो जाती है। इसी वजह से कई बार अपराधी पुलिस की पकड़ से बच जाते हैं।” किन चीजों पर लगा बैन? सर्राफा एसोसिएशन के फैसले के मुताबिक: बुर्का, नकाब या घूंघट पहनकर आने वालों को ज्वेलरी शॉप में प्रवेश नहीं मिलेगा। मास्क पहनकर आने वाले ग्राहकों को भी दुकान में एंट्री से पहले चेहरा दिखाना होगा। हेलमेट पहनकर आने वाले पुरुषों की दुकान में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एसोसिएशन ने साफ किया है कि ग्राहक चाहें तो दुकान के बाहर या प्रवेश द्वार पर अपना चेहरा स्पष्ट करके खरीदारी कर सकते हैं। नियम का उद्देश्य केवल इतना है कि दुकान के भीतर आने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट हो। अन्य राज्यों में भी लागू हो चुके हैं ऐसे नियम छत्तीसगढ़ से पहले बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और झारखंड में भी सर्राफा संगठनों द्वारा इस तरह के नियम लागू किए जा चुके हैं। वहां भी ज्वेलरी शॉप्स में सुरक्षा के मद्देनज़र चेहरा ढककर आने वालों पर पाबंदी लगाई गई है। छत्तीसगढ़ सर्राफा एसोसिएशन का कहना है कि दूसरे राज्यों के अनुभवों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। - बढ़ती कीमतें, बढ़ता खतरा सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। ऐसे में ज्वेलरी शॉप्स में रखे माल की कीमत करोड़ों में होती है। कमल सोनी का कहना है कि आने वाले समय में अगर सुरक्षा इंतज़ाम सख्त नहीं किए गए, तो चोरी और डकैती की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस जांच में सबसे बड़ा सहारा सीसीटीवी फुटेज होता है। लेकिन जब आरोपी पूरी तरह से चेहरा ढके होते हैं, तो तकनीक भी बेअसर साबित होती है। इसलिए एंट्री लेवल पर ही सतर्कता जरूरी है।” - इमरजेंसी बैठक में हुआ फैसला इस फैसले से पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक आपातकालीन बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने की। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा सहित कई जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। गहन चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि पूरे प्रदेश में एक समान नियम लागू किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा में कोई ढील न रहे। - बीते समय की दो बड़ी वारदातें पहला मामला-अंबिकापुर: करीब एक महीने पहले अंबिकापुर के सदर रोड स्थित एक ज्वेलरी शॉप में चोरी की कोशिश हुई थी। आरोपी बुर्का पहनकर आया था और पहचान छुपाने के लिए निर्माणाधीन भवन के रास्ते दुकान में घुसने की कोशिश की। हालांकि शोर मचने पर वह फरार हो गया। -दूसरा मामला- सुकमा: सुकमा जिले में एक ज्वेलरी शॉप से 13 लाख रुपए की लूट हुई। दो नकाबपोश लुटेरों ने व्यापारी को पिस्टल दिखाकर वारदात को अंजाम दिया। CCTV फुटेज में साफ दिखा कि आरोपी पूरी तरह से चेहरा ढके हुए थे। बाद में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन इस घटना ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी। - क्या यह फैसला किसी समुदाय के खिलाफ? सर्राफा एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया है। एसोसिएशन का कहना है कि यह निर्णय किसी धर्म, समुदाय या परंपरा के खिलाफ नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। चेहरा ढकने वाले किसी भी प्रकार के परिधान या साधन पर यह नियम समान रूप से लागू होगा। एसोसिएशन के अनुसार, “ग्राहक की पहचान स्पष्ट होना आज की ज़रूरत है। यह नियम सभी पर बराबर लागू होगा, चाहे वह पुरुष हो या महिला।”