मध्यप्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - पीएमजी और प्रगति प्लेटफार्म से अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को फिर सक्रिय किया भोपाल (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व एवं केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को गति मिल रही है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म की शुरुआत होने से देश में अटकी हुई निवेश परियोजनाओं को पुन: सक्रिय किया गया है। इस संस्थागत व्यवस्था से केंद्र और राज्य के सभी हित ग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय-निर्माण प्रक्रिया को तेज किया गया। प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, स्पष्ट नीति-निर्देश एवं प्रो-एक्टिव गवर्नेंस के कारण भी देश में दशकों से लम्बित परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना संभव हुआ है। राजनैतिक आपाधापी के साथ-साथ, व्यवस्थाओं में हो रहे सुधार को समझना सभी के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के परिणाम स्वरूप प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों पर मुख्यमंत्री निवास में मीडिया से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेसवार्ता के आरंभ में मीडिया कर्मियों को मकर संक्रांति की मंगलकामनाएं दीं। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) पर प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से प्रदेश में 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश में अभी 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के कार्यों में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता हासिल की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय मंत्रालय महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक 6 साल किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही हमारी सबसे ताकत है। जब विभाग आपस में समन्वय से मिलकर काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन की व्यवस्थाओं को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया, जहां प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई है। पहले जहां सामान्यत: बड़ी योजनाएं कागजों पर तो बहुत भव्य दिखती थीं, लेकिन जमीन पर उतरते-उतरते वे विभागों के बीच के आपसी तालमेल की कमी के कारण दम तोड़ देती थीं। अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पीएमजी और प्रगति कार्यक्रम के माध्यम से पुरानी प्रणाली को जड़ से खत्म कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया है। अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्ति युक्तकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम प्रगति और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको सिस्टम तैयार हो चुका है जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आधुनिक तकनीक के बल पर अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर पूरा कर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास तीनों स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य पूर्ण करना सुशासन (गुड गवर्नेंस) का प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुनिया के सामने भारत सरकार की एक अलग ही छवि बनाई है। राज्यों के बीच राजनैतिक दृष्टि से भले ही हमारी मतभिन्नता हो, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से हमारे लिए सभी राज्यों का महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यों के बीच राजनैतिक दृष्टि से भले ही हमारी मतभिन्नता हो, लेकिन राष्ट्र के विकास की दृष्टि से हमारे लिए सभी राज्यों का महत्व है। प्रगति पोर्टल के माध्यम से देश के विकास में भू-गर्भ संपदा का दोहन देशहित में अधिक प्रभावी तरीके से होगा। भारत सरकार के अधिकारी इस पोर्टल के माध्यम से राज्य तथा अन्य मंत्रालयों में आने वाली प्रक्रियागत कठिनाइयों को समय रहते दूर कर लेंगे। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पिछली सरकार में ध्यान नहीं दिया गया, अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीन नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बदलते दौर में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों के समग्र विकास के लिए 20 वर्ष के लिए जीएसटी माफ कर दिया है। वहां सीमावर्ती स्थानों तक सड़क पहुंच रही हैं। रेलवे की 285 किलोमीटर लम्बी जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से अब मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हो गया है। इससे प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, मंडला, सिवनी जिले की कनेक्टिविटी नागपुर, मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से बढ़ गई है। अब जबलपुर से सीधे गोंदिया, कोलकाता और चेन्नई के लिए ट्रेन उपलब्ध रहेगी। मध्यप्रदेश को 18.5 हजार करोड़ लागत की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन की सौगात भी मिली है। इसका लाभ उज्जैन को भी मिलेगा। आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरूआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी, और अधिक संवेदनशील बने। इसी दिशा में प्रगति प्लेटफार्म महत्वपूर्ण कदम है। प्रगति की 50वीं बैठक 31 दिसम्बर 2025 को सम्पन्न हुई। इस सफलता पर ही यह प्रेसवार्ता आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की पीएमजी एवं प्रगति प्लेटफॉर्म की अभिनव पहल से बुनियादी ढाचा विकास परियोजना और नागरिक शिकायतों का तेजी से परिणामोन्मुख समाधान सुनिश्चित हुआ है। डिजिटल, इंटरैक्टिव एवं जवाबदेही आधारित प्रगति प्लेटफॉर्म से नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी और समीक्षा नहीं समाधान का भाव सार्थक हुआ है। प्रदेश में कुल 209 परियोजाएं पीएमजी पोर्टल की निगरानी मुख्य सचिव ने मध्यप्रदेश में जारी केंद्रीय परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 209 परियोजाएं पीएमजी पोर्टल की निगरानी में हैं। इसमें प्रमुख रूप से ऊर्जा, परिवहन, दूरसंचार, बिजली उत्पादन, सड़क और राजमार्ग, रेलवे, कोयला, तेल और गैस, मेट्रो रेल, नवकरणीय ऊर्जा एवं शहरी अवसंरचना की परियोजनाएं शामिल हैं। पीएमजी समीक्षा में सामने आए केंद्रीय परियोजनाओं के संबंधित 322 मुद्दों में से राज्य सरकार ने 312 का समाधान किया। इसी प्रकार प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से 39 परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का समाधान किया गया। राज्य सरकार ने पीएमजी और प्रगति दोनों की समीक्षा में 97 प्रतिशत समस्याओं को हल किया। मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर दक्षता और गति के नए मानक स्थापित किए हैं। इस मामले में मध्यप्रदेश का औसत 13.9 माह रहा जबकि राष्ट्रीय औसत 14.2 माह है। मध्यप्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभरा है, जिसमें सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं का प्रभुत्व है। प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं में कार्य हो रहा है। परियोजनाओं और कार्यक्रमों की यह गति देश की प्रगति सुनिश्चित कर रही है।