राष्ट्रीय
15-Jan-2026


-फरक्का में बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़, एसआईआर सुनवाई स्थगित, दो गिरफ्तार कोलकाता(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान उस समय तनाव फैल गया, जब सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के फरक्का विधायक मोनिरुल इस्लाम के नेतृत्व में उग्र भीड़ ने फरक्का ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के कक्ष में जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने पुलिस महानिदेशक से विशेष सुरक्षा की मांग की है। बताया गया कि बीडीओ कार्यालय में एसआईआर से जुड़ी सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए और आरोप लगाया कि सुनवाई के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और भीड़ ने कार्यालय में मौजूद फर्नीचर और अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। हालात बिगड़ने पर प्रशासन को एसआईआर की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। घटना के बाद फरक्का के बीडीओ ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ में कथित रूप से शामिल दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन के अनुसार, इस हिंसा में तीन लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। राज्य चुनाव कार्यालय की ओर से बताया गया कि बीडीओ जुनैद अहमद और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि उपद्रवी भीड़ ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि कार्यालय को नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाला। इसके बाद मुर्शिदाबाद के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि एसआईआर 2026 से संबंधित कार्यों में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस विधायक मोनिरुल इस्लाम ने सफाई देते हुए कहा कि मतदाता सूची में मामूली गलतियों के लिए लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि दस्तावेज़ों का सत्यापन चुनिंदा रूप से, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से अधिक मांगा जा रहा है। इस्लाम ने दावा किया कि यह कोई पार्टी-प्रेरित आंदोलन नहीं था, बल्कि उन लोगों का स्वतःस्फूर्त विरोध था, जो सुनवाई प्रक्रिया से परेशान थे। उन्होंने यह भी कहा कि वे चुनाव आयोग के कथित प्रतिशोधी रवैये के खिलाफ विरोध कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं। दूसरी ओर, इस घटना को लेकर विपक्ष ने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला है। मुर्शिदाबाद से भाजपा विधायक गौरी शंकर घोष ने कहा कि यह सत्ताधारी पार्टी का असली चेहरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में खामियां बताने के बजाय कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जो पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वीरेंद्र/ईएमएस/15जनवरी2026