राष्ट्रीय
15-Jan-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। सेना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के शूरवीर जवानों, अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारजनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने देश की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में भारतीय सेना के अदम्य साहस, निष्ठा और बलिदान की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि सेना का योगदान राष्ट्र के लिए अमूल्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे सैनिक जिस अनुशासन, साहस और त्याग के साथ हर समय कर्तव्यपथ पर डटे रहते हैं, उस पर हर भारतीय को गर्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने अपने अनुकरणीय अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उच्च पेशेवर दक्षता से राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च मानक स्थापित किए हैं। सीमाओं की रक्षा से लेकर प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और बचाव कार्यों तक, आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय शांति अभियानों तक, हर परिस्थिति में सेना ने अद्भुत समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान देशवासियों ने हमारे जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना विश्व के सबसे सम्मानित और सक्षम सैन्य बलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बीते कुछ वर्षों में सेना और अन्य सुरक्षा बलों को अधिक सक्षम, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाई गई है, प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया गया है और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में भारतीय सेना की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों का साहस, समर्पण और राष्ट्र के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के सभी जवानों, अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए सेना के निस्वार्थ सेवा भाव, वीरता और साहस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना सीमाओं पर सतर्क प्रहरी के रूप में तैनात रहकर बहुआयामी सुरक्षा चुनौतियों का डटकर सामना करती है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और बचाव कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाकर सेना ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वह केवल सीमाओं की ही नहीं, बल्कि देश के नागरिकों की सुरक्षा और सेवा की भी मजबूत ढाल है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान के माध्यम से सेना ने अपने साहस, पेशेवर दक्षता और दृढ़ संकल्प का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस सफल कार्रवाई से पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में मजबूत संदेश गया और पूरा देश गौरव से भर उठा। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता, विकास, जनकल्याण और मानवीय सहायता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना की भूमिका अतुलनीय और प्रेरणादायी है। वीरेंद्र/ईएमएस/15जनवरी2026