लेख
16-Jan-2026
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विदेश मे जाकर नौकरी रोजगार कर बेशुमार दौलत कमाने का सपना किसे अच्छा नही लगता है? अच्छे पैसे कमाए और बेहतर जीवन जीने की अभिलाषा कबूतर बाज एजेंटों के जाल में फंस कर जीवन बर्बाद कर रही है । इन एजेंटों के दिखाए सब्जबाग में अपने सुखद भविष्य के सपने संजोकर अनेक युवा किसी भी तरीके से विदेश पहुंचने की कोशिश करते रहते हैं परंतु उनमें से अनेक युवक जालसाज ट्रैवल एजेंटों के हाथों ठगी का शिकार हो रहे हैं जिनकी मात्र इसी महीने के 4 दिनों में सामने आई घटनाएं निम्न में दर्ज हैं : 14 जनवरी मेरठ शहर के आजाद चौक व कांधला क्षेत्र के छह युवकों को सिंगापुर और मलेशिया में मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी का झांसा देकर 26 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। यही नहीं, दो युवकों को फर्जी कागजात के आधार पर मलेशिया भेज दिया गया, जहां उन्हें 15 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। तीन जनवरी को दोनों युवक किसी तरह भारत लौटे। पीड़ितों ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। एसपी ने मामले की जांच शुरू करा दी है। 14 जनवरी नोएडा पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को ठगने और साइबर अपराधियों के हवाले करने वाले फर्जी एजेंट शुभम को गिरफ्तार किया है. आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पीड़ितों से पैसे वसूल करता था और उन्हें थाईलैंड, म्यांमार में साइबर स्लेवरी में फंसा देता था. पुलिस आरोपी के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की गहन जांच कर रही है. 14 जनवरी को ही दुबई में फंसे उत्तराखंड रुद्रपुर के चार युवकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस से गुहार लगाई है. जिसके बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले की जांच सौंपते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. 4 जनवरी, 2026 को सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में एक एजेंट द्वारा विदेश जाने के इच्छुक युवक को अमरीका पहुंचाने का वायदा करके उससे 60 लाख रुपयों की ठगी करने का मामला सामने आया। शिकायतकर्त्ता के अनुसार पहले उसे दुबई ले जाया गया और वहां से अजरबैजान भेज दिया। 6 जनवरी को जम्मू में अनिल किशोर नामक एक पीड़ित ने एक ट्रैवल एजैंट मां-बेटे के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई कि आरोपियों ने उसे कम्बोडिया का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर उससे 1.20 लाख रुपए लिए थे परंतु न तो वीजा दिलवाया और न ही रकम वापस की गई। 6 जनवरी को ही नवादा (बिहार) में एजाजुल हसन नामक युवक ने विदेश भेजने का झांसा देकर उससे 1 लाख 30 हजार रुपए ठगने के आरोप में ठग ट्रैवल एजैंट के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। 6 जनवरी को ही फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) में एक युवक को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 1.40 लाख रुपए ठग लेने के आरोप में एक ठग ट्रैवल एजैंट को गिरफ्तार किया गया। 7 जनवरी को हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) के भोरंज में विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक युवक से ठगी का मामला सामने आया। आरोप है कि बोगस ठग ट्रैवल एजैंट ने उक्त युवक को थाईलैंड में अच्छी नौकरी दिलवाने का लालच देकर वहां भेजने की बजाय म्यांमार भेज दिया। 7 जनवरी को ही एक व्यक्ति ने चंडीगढ़ के सैक्टर 17 थाने में कनाडा का वर्क परमिट दिलाने का झांसा देकर उससे 18 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में एक ट्रैवल एजैंट के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई। 7 जनवरी को ही पंचकूला (हरियाणा) में एंटी इमीग्रेशन फ्राड यूनिट ने शिकायतकर्ता को स्टडी वीजा दिलाने का झांसा देकर उससे 13 लाख रुपए ठग लेने के आरोप में एक बोगस ट्रैवल एजैंट को गिरफ्तार किया। 7 जनवरी को ही कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश) में एक व्यक्ति को विदेश भेजने के बहाने उससे 60,000 रुपए ठग लेने के आरोप में पुलिस ने एक ठग ट्रैवल एजेंट के विरुद्ध केस दर्ज किया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने उसे विदेश नहीं भेजा और अपने पैसे वापस मांगने पर गंभीर परिणामों की धमकियां देनी शुरू कर दीं। 7 जनवरी को ही प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में एक युवक को सऊदी अरब में नौकरी दिलवाने के बहाने एक ट्रैवल एजैंट द्वारा उससे 1.25 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया। आरोपी ने न तो उसे वीजा दिलवाया और न ही नौकरी दिलवाई तथा बाद में उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया। 7 जनवरी को ही गोपालगंज (बिहार) में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने छापेमारी करके विदेश में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक फर्जी ट्रैवल एजेंट मृत्युंजय सिंह को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से 349 भारतीय पासपोर्ट बरामद किए। ये तो सिर्फ चंद घटनाओं की बानगी है आजकल रोजाना सैकड़ों युवाओं से विदेश में पढ़ाई रोजगार के नाम पर ठगी का बड़ा धंधा चल रहा है ऐसी घटनाओं के दृष्टिगत जरूरी है कि विदेश जाने के इच्छुक लोग पहले संबंधित कम्पनी, एजेंट और दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और केवल अधिकृत एवं पंजीकृत एजेंटों के माध्यमों से ही विदेश जाएं। इमीग्रेशन नियमों में हो रही सख्ती और बिगड़ रही अर्थव्यवस्था के कारण वैसे भी विदेश में बसना मुश्किल हो गया है। कनाडा और अमरीका के अलावा यूरोप में भी इमीग्रेशन कानून सख्त हो रहे हैं। अतः जितनी रकम माता-पिता अपने बच्चों को विदेश भेजने पर खर्च करते हैं, उतनी ही रकम भारत में खर्च करके वे अपने बच्चों को अच्छा कारोबार शुरू करवा दें ताकि वे अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी रोजगार व आय के साधन पैदा करके देश में बेरोजगारी दूर कर सकें।जरा सा असावधानी से न सिर्फ माँ बाप के खून पसीने की कमाई जालसाज हड़प लेंगे वरन विदेश पहुच कर साइबर स्लेवरी के शिकार भी बन सकते हैं वहा हजारों पढे लिखे नौजवान संडास की सफाई और जबरन युद्ध के मैदान मे भी उतार दिए गए हैं जिस कारण उनका सुरक्षित वापस लौटना भी भगवान भरोसे है। (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं) ईएमएस / 16 जनवरी 26