गरियाबंद(ईएमएस)। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को प्रभावित करने वाली ओडिशा से अवैध धान आवक रोकने में इस बार गरियाबंद पुलिस ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। देवभोग पुलिस ने सबसे अधिक 41 वाहनों से 1576 क्विंटल धान जब्त किया, जबकि जिले के अन्य सीमावर्ती थानों को मिलाकर पुलिस विभाग ने कुल 85 वाहनों से करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपये मूल्य का 4504.25 क्विंटल धान जब्त किया है। जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा और उनके बाद पदस्थ नए एसपी वेद व्रत सिरमौर्य द्वारा अवैध परिवहन रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की गई थी। इसके अलावा राजस्व, सहकारिता, मंडी और खाद्य विभाग की टीमों ने भी 30 से अधिक वाहनों को जब्त कर ओडिशा से खपाने लाए गए 5 हजार क्विंटल से ज्यादा धान को रोका। लगातार सख्ती और धरपकड़ के चलते जितनी मात्रा जब्त की गई, उससे करीब तीन गुना अधिक धान की अवैध आवक पर रोक लग गई। इस कार्रवाई का असर खरीदी केंद्रों में साफ नजर आया। टोकन निरस्त हुए अधिकांश किसानों का एक ही कारण सामने आया कि कटाई के बाद सप्लायर समय पर ओडिशा का धान उपलब्ध नहीं करा पाए। देवभोग ब्रांच मैनेजर के अनुसार देवभोग के 9 खरीदी केंद्रों में 112 किसानों के 6110 क्विंटल धान के टोकन निरस्त हुए। वहीं गोहरापदर ब्रांच मैनेजर दुष्यंत इंगले ने बताया कि उनके क्षेत्र के 12 खरीदी केंद्रों में 147 किसानों के 6900 क्विंटल धान के टोकन निरस्त किए गए। जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे ने कहा कि कड़ी निगरानी और कार्रवाई का ही असर है कि खरीदी केंद्रों में धान की आवक स्थानीय उत्पादन के अनुरूप बनी रही। टोकन निरस्त होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें धान की उपलब्धता नहीं होना प्रमुख है। उन्होंने बताया कि इलाके में औसत उत्पादन अधिकतम 15 क्विंटल प्रति एकड़ है, ऐसे में खरीदी के लिए तय मात्रा पूरी करने के लिए ओडिशा की उपज पर निर्भरता की स्थिति बनी थी। वहीं देवभोग तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने कहा कि लगातार कार्रवाई से बोगस खरीदी पर लगाम लगी है और ओडिशा पर निर्भरता लगभग खत्म हो गई है। जिन किसानों के पास उत्पादन नहीं है, उनसे रकबा समर्पण कराया जा रहा है। साथ ही पटवारियों के माध्यम से धान विक्रय से बचे किसानों के यहां जल्द भौतिक सत्यापन कर वास्तविक उपलब्ध धान की मात्रा का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सत्यप्रकाश(ईएमएस)16 जनवरी 2026