व्यापार
16-Jan-2026
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- सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ 200 ऊपर, निफ्टी 25700 के पार मुंबई (ईएमएस)। अमेरिकी शेयर बाजारों में मजबूती का असर शुक्रवार, 16 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार पर साफ तौर पर देखने को मिला। हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में घरेलू बाजारों की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। खास तौर पर आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को शुरुआती कारोबार में अच्छा सपोर्ट मिला। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इन्फोसिस के नेतृत्व में टीसीएस, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे अन्य आईटी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की मजबूती और सकारात्मक ग्लोबल संकेतों से आईटी सेक्टर को फायदा मिला। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स मजबूत बढ़त के साथ 83,670 अंक पर खुला और कुछ ही देर में 83,700 अंक के स्तर के ऊपर निकल गया। सुबह शुरुआत के बाद सेंसेक्स 238.09 अंक की तेजी के साथ 83,620.80 अंक पर कारोबार कर रहा था। बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स को मजबूती प्रदान की। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी हरे निशान में खुला। निफ्टी ने कारोबार की शुरुआत 25,696 अंक पर की और खुलते ही 25,700 अंक के स्तर को पार कर गया। सुबह खुलने के बाद निफ्टी 60.40 अंक की बढ़त के साथ 25,726 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं पिछले दिन गुरुवार को महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के तहत शेयर बाजार बंद रहे। अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद: अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए। टेक्नोलॉजी और बैंकिंग शेयरों में तेजी से प्रमुख इंडेक्स ऊपर गए। डॉव जोन्स 0.6 फीसदी चढ़ा, जबकि एसएंडपी 500 में 0.26 फीसदी और नैस्डैक में 0.25 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। बाजार की धारणा को बेहतर श्रम आंकड़ों से भी सहारा मिला। 10 जनवरी को समाप्त सप्ताह के लिए साप्ताहिक बेरोजगारी दावे 1.98 लाख रहे, जो अर्थशास्त्रियों के अनुमानित 2.15 लाख से काफी कम थे। एशियाई बाजारों में ‎मिलाजुला करोबार: एशिया में शुरुआती कारोबार के दौरान बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। चीन का सीएसआई 300 और हांगकांग का हैंग सेंग 0.5 फीसदी से ज्यादा चढ़े, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी हल्की गिरावट में रहे। क्षेत्र के लिए सेमीकंडक्टर सेक्टर पर खास नजर है। अमेरिका और ताइवान के बीच हुए एक बड़े व्यापार समझौते के तहत ताइवानी चिप कंपनियां अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में कम से कम 250 अरब डॉलर के निवेश पर सहमत हुई हैं। इसके बदले उन्हें टैरिफ में राहत मिलेगी। सतीश मोरे/15जनवरी ---