व्यापार
16-Jan-2026


नई दिल्‍ली (ईएमएस)। कैलेंडर वर्ष 2025 में तेजी से बढ़ते मिडकैप शेयरों ने पिछले दो साल के रुझान को पलटते हुए कमजोर प्रदर्शन किया। बीएसई मिडकैप सूचकांक वर्ष 2025 में केवल 1.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि 2024 में यह 26.1 प्रतिशत की तेजी दर्ज कर चुका था। यह 2019 के बाद का सबसे खराब सालाना प्रदर्शन है। कुल मिलाकर सूचकांक के 140 में से 84 शेयर (लगभग 61 फीसदी) पिछले साल गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें 17 शेयरों की कीमतें 30 प्रतिशत से अधिक गिरीं। इस बीच बड़े शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई सेंसेक्स 2025 में 9.1 प्रतिशत बढ़ा, जो 2024 की 8.2 प्रतिशत की बढ़त से थोड़ी बेहतर रही। इससे साफ होता है कि निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए मिडकैप की तुलना में लार्जकैप शेयरों को प्राथमिकता दी। मिडकैप में अलग-अलग शेयरों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर रहा। एलएंडटी फाइनेंस ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जो 133 प्रतिशत चढ़ा। दूसरी ओर, ओला इलेक्ट्रिक का बाजार पूंजीकरण लगभग 58 प्रतिशत घटा। कुल मिलाकर, मिडकैप सूचकांक में 18 शेयरों ने 30 प्रतिशत या उससे अधिक की तेजी दिखाई, जिनमें से 12 शेयरों में 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा बढ़त रही। सतीश मोरे/15जनवरी ---