व्यापार
16-Jan-2026


- महंगाई का मुख्य कारण है मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें और सप्लाई की कमी नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। 2026 के बजट से पहले उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतें घटने की उम्मीद थी, लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इसके उलट संकेत दे रहे हैं। एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी चिप्स महंगी हो रही हैं। एक अध्ययन के अनुसार पिछले कुछ महीनों में चिप्स की कीमतें 40–50 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं और आने वाली तिमाहियों में और 20 फीसदी तक बढ़ने की संभावना है। कुछ ब्रांड जैसे ‎विवो और न‎र्थिंग ने जनवरी में अपने स्मार्टफोन के दाम 3,000–5,000 रुपए बढ़ा दिए हैं। वहीं सेससंग जैसी कंपनियां सीधे दाम बढ़ाने के बजाय कैशबैक और डिस्काउंट घटाकर कीमतों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नई लॉन्चिंग में कंपनियां श्रिंकफ्लेशन अपना सकती हैं, यानी डिस्प्ले या अन्य कंपोनेंट्स की क्वालिटी में हल्का कटौती कर सकती हैं। कुछ रिटेलर्स ने नवंबर-दिसंबर में 5-10 फीसदी तक कीमतें बढ़ाई हैं और फरवरी में अतिरिक्त बढ़ोतरी की योजना है। उनके अनुसार स्मार्टफोन की कीमतें अगले कुछ महीनों में कुल मिलाकर 30 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। इससे 20,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा और बाजार में 10-12 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। उपभोक्ता फिलहाल खरीदारी को रोककर सही समय का इंतजार कर रहे हैं। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के अनुसार 2026 में स्मार्टफोन बिक्री में गिरावट अनुमान से अधिक हो सकती है, जिसका मुख्य कारण चिप्स की कीमतें, हैंडसेट महंगे होना और रुपए की कमजोरी है। सतीश मोरे/16जनवरी ---