- नई पहल से छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों के निर्यातकों को मिलेगा बड़ा लाभ नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने शुक्रवार को घोषणा की कि अब आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल एजैसी निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं डाक के माध्यम से भेजे जाने वाले माल पर भी लागू होंगी। यह निर्णय 15 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इससे विशेष रूप से छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों के निर्यातकों (एमएसएमई) की प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा और डाक निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। ड्यूटी ड्रॉबैक योजना के तहत निर्यातक को उस माल के निर्माण में इस्तेमाल किए गए कच्चे माल पर चुकाए गए सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क का पूरा या आंशिक रिफंड मिलेगा। इसके अलावा आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल योजनाओं के माध्यम से राज्य एवं केंद्रीय करों में छूट दी जाएगी। कर विशेषज्ञों बताया कि डाक मार्ग के लिए इन लाभों का विस्तार करने से दूरस्थ क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए लंबी अवधि से चली आ रही अनुपालन बाधाओं को दूर किया गया है। सीबीआईसी ने इसके लिए डाक निर्यात (इलेक्ट्रॉनिक घोषणा और प्रसंस्करण) विनियम, 2022 में संशोधन किया। इसके तहत निर्यातक अब डाक मार्ग से किए गए निर्यात पर सभी लाभों का दावा कर सकेंगे। भारत में वर्तमान में 28 विदेशी डाकघर अधिसूचित हैं। इसके अलावा, डाक आयात विनियम, 2025 और आईजीएसटी रिफंड के स्वचालन जैसे कदमों से डाक माध्यमों के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार को और सुगम बनाया गया है। सतीश मोरे/16जनवरी ---