- बिटकॉइन की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक और नीतिगत कारक डाल रहे हैं असर नई दिल्ली (ईएमएस)। पिछले साल 6 अक्टूबर को बिटकॉइन ने 1,26,210.50 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ, लेकिन इसके बाद कीमत में तेज गिरावट आई। वर्तमान में यह लगभग 90,261 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के दौरान घबराना सही नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक निवेशक इसे अवसर के रूप में देख सकते हैं। बाजार के जानकारों ने कहा कि बाजार की अस्थिरता के बावजूद निवेशकों को अनुशासित तरीके से बिटकॉइन की अतिरिक्त यूनिट जमा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गिरावट का लाभ उठाकर दीर्घकालिक दृष्टिकोण बनाए रखना फायदेमंद साबित हो सकता है। बिटकॉइन की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक और नीतिगत कारक असर डाल रहे हैं। बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और अमेरिकी फेड द्वारा भविष्य की दरों में कटौती को लेकर सतर्क संकेतों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई। अमेरिका में लंबे समय तक कामकाज बंद रहने से निवेशकों में सतर्कता और बढ़ गई। अक्टूबर में रैली के बाद चौथी तिमाही में संस्थागत निवेशकों ने मुनाफावसूली की। बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि अत्यधिक लीवरेज वाली पोज़ीशन को समाप्त किया गया। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक फटाफट निर्णय न लें। बाजार की अस्थिरता के बावजूद दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना और अनुशासित निवेश करना लाभकारी हो सकता है। सतीश मोरे/15जनवरी ---