- सेवा भाव को बताया राष्ट्र-निर्माण का आधार बिलासपुर (ईएमएस)। विश्व हिन्दू परिषद सेवा विभाग, छत्तीसगढ़ प्रांत एवं जिला के द्वारा देहदान दाताओं के सम्मान समारोह का आयोजन सिंधी कॉलोनी में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देहदान जैसे महान सेवा संकल्प को सम्मानित करना एवं समाज में सेवा भावना को सुदृढ़ करना रहा।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री अजय पारिख ने कहा कि सेवा ही परमो धर्म है। मनुष्य का शरीर केवल भोग के लिए नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम क्षण तक सेवा के लिए है। उन्होंने बताया कि विहिप ने वर्ष 1967 में सेवा आयाम की शुरुआत की और आज देशभर में 7,152 सेवा प्रकल्प संचालित हो रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य व संस्कार पर केंद्रित सेवा कार्य पारिख ने बताया कि विहिप शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, संस्कार एवं स्वावलंबन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। वर्तमान में 300 से अधिक शिक्षा प्रकल्प और 150 से ज्यादा संस्कार शालाएं संचालित हैं। उन्होंने देहदान को सेवा की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि मेडिकल शिक्षा के लिए इसकी आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। देहदान के लिए संकल्पित दाताओं का हुआ सम्मान समारोह में सुधीर खंडेलवाल, शशि खंडेलवाल, आशीष खंडेलवाल एवं अनुभा खंडेलवाल को देहदान के लिए सम्मानित किया गया। 51 देहदान संकल्प का लक्ष्य जिला अध्यक्ष सौमित्र गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष जिले में 51 लोगों को देहदान हेतु संकल्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में अनेक चिकित्सक, समाजसेवी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 16 जनवरी 2026