राष्ट्रीय
18-Jan-2026
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-इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य और खुफिया अधिकारी कर रहे नई दिल्ली,(ईएमएस)। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए साजिश रची है। खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस से पहले एक रिपोर्ट के जरिए इसकी बात कही है। आईएसआई ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को निर्देश दिया है कि वह अपने फिदायीन दस्ते को इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रॉविंस के नाम के साथ जोड़कर घाटी में हमले करे। इस हाइब्रिड मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को बेकसूर साबित करना और भारत के खिलाफ प्लॉसिबल डिनाइबिलिटी बनाए रखना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य और खुफिया अधिकारी कर रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल अहमद अहसान नवाज भी इसमें शामिल हैं जो पाकिस्तान सेना के एक्स कोर के प्रमुख हैं। ब्रिगेडियर फाईक अयूब आईएसआई का पीओके सेक्टर कमांडर है। रिपोर्ट के मुताबिक इन अधिकारियों ने लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद को अपनी रणनीति बदलने और यह तय करने का निर्देश दिया है कि किसी भी हमले में पाकिस्तान की सीधी भागीदारी के सबूत न मिलें। खुफिया सूत्रों के मुताबिक 12 सदस्यीय यह फिदायीन दस्ता कश्मीर के तीन प्रमुख जिलों में सक्रिय हो चुका है। उनमें बडगाम, किश्तवाड़ और श्रीनगर शामिल हैं, जो कि भौगोलिक और रणनीति रूप से अहम हैं। लश्कर का वरिष्ठ कमांडर अबू हुरैरा फिदायीन दस्ते का नेतृत्व कर रहा है। यह 2021 से सक्रिय है। मोहम्मद उमर खरगोश डिप्टी कमांडर है और हुरैरा का मुख्य सहयोगी भी है। अबू दुजाना का भी इसमें शामिल है, जिसने हाल ही में घुसपैठ की है। वह आत्मघाती हमलों के लिए प्रशिक्षित है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान जानबूझकर अपने समर्थित आतंकवाद को इस्लामिक स्टेट के नाम से प्रमोट कर रहा है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला है पहचान छुपाना। यदि हमला आईएसकेपी के नाम पर होता है, तो वैश्विक समुदाय को यह लगेगा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क का काम है न कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का। हाइब्रिड मॉड्यूल के कारण जांच एजेंसियों के लिए मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचना कठिन हो जाता है। इस इनपुट के बाद मध्य और दक्षिण कश्मीर में निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बल अब छोटे-छोटे सेल्स में बंटे इन आतंकियों को ट्रैक करने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं। सिराज/ईएमएस 18 जनवरी 2026