सोनपुर(ईएमएस)। बिहार के सोनपुर में दो दिन पहले हुई नवविवाहिता सरिता की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्या में इस्तेमाल की गई पुलिस स्टिकर लगी काली स्कॉर्पियो को पुलिस ने बरामद कर लिया है। यह वाहन लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव स्थित पूर्व मुखिया प्रमोद बैठा के घर से मिला है। इस खुलासे ने पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है क्योंकि प्रमोद बैठा मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर में पदस्थापित दारोगा संतोष रजक के ससुर हैं। घटनाक्रम के अनुसार, सरिता की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसका शव आधी रात को उसके मायके के घर के बाहर फेंक दिया गया था। सुबह जब परिजनों ने बेटी का शव द्वार पर पड़ा देखा, तो कोहराम मच गया। घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर एक खौफनाक मंजर सामने आया। फुटेज में स्पष्ट दिखा कि देर रात एक स्कॉर्पियो वाहन घर के सामने आकर रुकता है और उसमें सवार लोग शव को बाहर फेंककर तेजी से फरार हो जाते हैं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने गाड़ी के नंबर और पहचान की पुष्टि की, जिसके तार दारोगा के परिजनों से जुड़े पाए गए। वाहन की बरामदगी के तुरंत बाद फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस ने दारोगा के ससुर से लंबी पूछताछ की है और जब्त वाहन को हरिहरनाथ थाना लाया गया है। मृतका के परिजनों ने सरिता के पति सत्येंद्र कुमार और उसके ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के पिता का कहना है कि शादी के बाद जमीन की रजिस्ट्री के लिए आठ लाख रुपये दिए जाने के बावजूद, ससुराल पक्ष तीन लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर सरिता को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में दारोगा संतोष रजक की क्या भूमिका है और क्या पुलिसिया प्रभाव का इस्तेमाल साक्ष्य मिटाने या वारदात को अंजाम देने में किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। फिलहाल, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि हत्या के सही समय और तरीके की पुष्टि हो सके। वीरेंद्र/ईएमएस/19जनवरी2026