राष्ट्रीय
18-Jan-2026


पटना,(ईएमएस)। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को पटना में आयोजित होने जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद यह पार्टी की पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है, जिसमें संगठन और नेतृत्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में तेजस्वी यादव को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर मुहर लग सकती है। इसकी मुख्य वजह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और उनका अस्वस्थ रहना बताया जा रहा है। हालांकि अभी भी पार्टी के अधिकांश अहम फैसलों में तेजस्वी की भूमिका केंद्रीय बनी हुई है, लेकिन औपचारिक तौर पर उन्हें नेतृत्व सौंपने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव के दौरान कथित भीतरघात करने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई का फैसला लिया जा सकता है। चुनाव में अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी नेतृत्व संगठन की कमजोरियों और आंतरिक मतभेदों की समीक्षा कर रहा है। माना जा रहा है कि अनुशासनहीनता और संगठनात्मक लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया जा सकता है। तेजस्वी यादव विदेश यात्रा से लौटने के बाद पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। बीते गुरुवार और शुक्रवार को उन्होंने अपने पटना स्थित आवास पर लगातार दो दिनों तक पार्टी नेताओं के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में संगठन की मजबूती, विस्तार, बूथ स्तर पर सक्रियता और बिहार के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी जल्द ही राज्यव्यापी बिहार यात्रा पर निकल सकते हैं, जिस पर भी कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी केवल 25 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि तेजस्वी यादव महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे थे। चुनाव परिणाम आने के बाद तेजस्वी परिवार के साथ विदेश चले गए थे, जिस पर सत्तापक्ष ने सवाल भी खड़े किए थे। हालांकि अब उनकी वापसी के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 25 जनवरी की बैठक को राजद के भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम मोड़ माना जा रहा है। यदि तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह पार्टी में पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में बड़ा संकेत होगा। हिदायत/ईएमएस 18जनवरी26