वाराणसी (ईएमएस)। सारनाथ, वाराणसी की पावन भूमि जहाँ गौतम बुद्ध नें पहली बार अपने पांच शिष्यों को उपदेश दिया था, इस समय दर्जनों देशों से आये भिखुओं के धम्म पूजा( सुत्त पठन ) की गवाह बनी हुई हैं। आज महाबोधि सोसाइटी ऑफ़ इंडिया, भारत के अध्यक्ष पूज्य शिवली भंते एवं भंते सुमिथानंद एवं पूज्य चँदिमा भंते थेरो के नेतृत्व में लगभग 300 भिखुओं नें मुलगंध कुटी में बुद्ध वंदना एवं त्रिशरण पाठ किया। देश भर से पधारे भिखुओं नें बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय और विश्व के कल्याण के लिए मंगल पाठ किया। मुलगंध कुटी के प्रांगण में ही उपासक, उपसिकाओं द्वारा दान भेंट करने के लिए स्टाल लगाएं गये, जहाँ ड्राईफ्रूट के पैकेट, विभिन्न फल, बिस्कुट, नमकीन, पानी धूप अगरबत्ती दान स्वरुप भंते गण को अर्पित किया गया।सुत्त पाठ एवं धम्म चारिका में लगभग 200 भीखु, 50 बाल भीखु एवं विभिन्न देशों की लगभग 50 भिखुनी की सहभागिता देखने को मिली। वाराणसी का प्रतिष्ठित हॉस्पिटल सार्थक सर्जिकल द्वारा निःशुल्क वजन, शुगर एवं बी पी की जाँच के अलावा दवा का भी वितरण किया गया। इधर डॉ बी आर अम्बेडकर जनजागरण एवं उत्थान समिति एवं माता रमाबाई अम्बेडकर महिला, क्लब, वाराणसी के नेतृत्व में डॉ एस के भारतीय, सरोज देवी, अभिलाषा, आर के निगम, श्रीराम, सोमारु प्रधान, मनसा राम एवं बृजभान इत्यादि लोगो नें दान एवं पुष्प अर्पित किया। कार्यक्रम स्थल पर कृष्नायन, लोखंडे, संजय मौर्या,आर के प्रसाद एवं बृजेश भारती का सहयोग सराहनीय रहा। डॉ नरसिंह राम/ईएमएस/18/01/2025