नई दिल्ली (ईएमएस)। नवंबर 2025 में लागू नए लेबर कोड का असर प्राइवेट सेक्टर पर दिखने लगा है। एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 18,770 करोड़ रुपए का ऑपरेटिंग खर्च दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही के 17,110 करोड़ रुपए से अधिक है। बैंक ने बताया कि कर्मचारी लागत में 800 करोड़ रुपए का इजाफ़ा नए कोड के कारण हुआ। आईसीआईसीआई बैंक ने 145 करोड़ रुपए, यस बैंक 155 करोड़, फेडरल बैंक 20.8 करोड़ और आरबीएल बैंक 32 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया। बीमा कंपनियों में भी खर्च बढ़ा। एचडीएफसी लाइफ ने 106.02 करोड़ रुपए, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ ने 11.04 करोड़ रुपए और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने 53.06 करोड़ रुपए का अतिरिक्त असर दर्ज किया। नए कोड के तहत बेसिक सैलरी का हिस्सा बढ़ाना अनिवार्य हो गया, जिससे ग्रेच्युटी, पेंशन और सोशल सिक्योरिटी फंड में योगदान बढ़ा और कुल कर्मचारी लागत में इजाफ़ा हुआ। 21 नवंबर 2025 को चार कोड लागू किए गए, जिनमें वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा शामिल हैं। 29 पुराने कानूनों को इनके अंतर्गत समेकित किया गया। सतीश मोरे/19जनवरी ---