व्यापार
19-Jan-2026


- यूरोपीय संघ के प्रमुख अधिकारी 25-27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे नई दिल्ली (ईएमएस)। 18 साल से चल रही भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता अब अंतिम चरण में है। यूरोपीय संघ के प्रमुख अधिकारी 25-27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे और 27 जनवरी को वार्ता के निष्कर्ष की घोषणा की संभावना है। आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने कहा कि भारत को कृषि और दवा क्षेत्रों में गैर-शुल्क बाधाओं को हटाने के लिए ईयू पर दबाव डालना चाहिए। केवल शुल्क कटौती से निर्यातकों को पर्याप्त लाभ नहीं मिलेगा। गैर-शुल्क बाधाओं में दवा अनुमोदन में देरी, खाद्य और कृषि उत्पादों पर कड़े स्वच्छता और पादप/पशु स्वास्थ्य नियम, साथ ही जटिल परीक्षण और प्रमाणीकरण शामिल हैं। बासमती चावल, मसाले और चाय जैसे उत्पाद अक्सर कीटनाशक अवशेष मानकों के कारण अस्वीकार किए जाते हैं। समुद्री उत्पादों पर एंटीबायोटिक दवा की चिंता से अतिरिक्त नमूना परीक्षण होता है। विनिर्माण क्षेत्र में ‘रीच’ नियम और जलवायु विनियम छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए लागत बढ़ाते हैं। 1 जनवरी से लागू कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म उच्च कार्बन उत्सर्जन वाले उत्पादों पर लागू है। जीटीआरआई ने कहा कि भारत को अमेरिका के समान छूट या सुरक्षा प्रावधानों की मांग करनी चाहिए। ईयू भारत के लगभग 600 अरब डॉलर के सरकारी खरीद बाजार में प्रवेश चाहता है। भारत सीमित पहुंच प्रदान कर सकता है, जैसा कि उसने ब्रिटेन के साथ किया था। सतीश मोरे/19जनवरी ---