ढाका(ईएमएस)। बांग्लादेश में आम चुनाव के नजदीक आते ही प्रचार अभियानों में हिंसा और नफरत भरे बयानों का दौर अपने चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक खौफनाक वीडियो ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। इस वीडियो में जमात-ए-इस्लामी के एक उम्मीदवार का भतीजा सरेआम अपने राजनीतिक विरोधियों का गला रेतने की धमकी देता नजर आ रहा है। चुनावी माहौल में इस्तेमाल की गई इस तरह की हिंसक भाषा ने सुरक्षा एजेंसियों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। यह विवादित मामला बांग्लादेश के नेत्रकोना निर्वाचन क्षेत्र का है। धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान जकरिया नियोगी के रूप में हुई है, जो जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार खैरुल कबीर नियोगी का भतीजा है। चौंकाने वाली बात यह है कि हिंसा की बात करने वाला जकरिया खुद एक शिक्षित व्यक्ति है और किशोरगंज के गुरुदयाल गवर्नमेंट कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में लेक्चरर के पद पर कार्यरत है। एक शिक्षक के मुख से निकली इस तरह की तालिबानी भाषा ने समाज के प्रबुद्ध वर्ग को भी हैरान कर दिया है। जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह एक रैली के दौरान जकरिया ने मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के समर्थकों को खुली चेतावनी दी थी। वायरल क्लिप में उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि विरोधियों की पहचान कर ली गई है और यदि भविष्य में विपक्ष की ओर से कोई भी आवाज उठी, तो उनका गला रेत दिया जाएगा। उसने यहां तक कहा कि यदि उसके चाचा (उम्मीदवार) की तरफ किसी ने उंगली उठाई, तो वह उंगली तोड़ दी जाएगी। इस भाषण के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस हिंसक बयानबाजी के पीछे एक मामूली विवाद था। सोमवार को जकरिया के समर्थकों और बीएनपी कार्यकर्ताओं के बीच ई-बाइक (टोटो) के किराए को लेकर बहस हुई थी, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इसी घटना के विरोध में जमात-ए-इस्लामी द्वारा आयोजित रैली में जकरिया ने अपना आपा खो दिया और मंच से कत्लेआम की धमकी दे डाली। हालांकि, वीडियो वायरल होने और चौतरफा निंदा के बाद अब जकरिया माफी मांग रहा है। उसका कहना है कि वह भावनात्मक आवेग में था और विपक्षी समर्थकों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण उसने गुस्से में ऐसा कहा। दूसरी ओर, बीएनपी उम्मीदवार मोहम्मद रफीकुल इस्लाम हिलाली ने इस धमकी को अपनी जान के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि एक कॉलेज लेक्चरर और उम्मीदवार के करीबी रिश्तेदार द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी है। हिलाली ने इस मामले में रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित शिकायत देने और सुरक्षा की मांग करने की बात कही है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह की घटनाओं ने बांग्लादेश में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान की संभावनाओं पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/19जनवरी2026 -----------------------------------