राज्य
19-Jan-2026


अहमदाबाद (ईएमएस)| जिले के साणंद तालुका के खीचा गांव में बॉस इंडिया फाउंडेशन और धरती चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कौशल विकास प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साणंद तालुका के 15 गांवों के साथ-साथ बावला, विरमगाम और लिम्बडी तालुका के 25 गांवों के प्रमोटरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान धरती चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष कांती मकवाना ने ट्रस्ट की विभिन्न गतिविधियों को सीमांत और दूर-दराज के गांवों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के माध्यम से ग्रामीण विकास करना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है। वहीं, बॉस इंडिया फाउंडेशन के सीएसआर प्रोजेक्ट मैनेजर चेतनभाई ने कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) निधि का सही और आवश्यकता-आधारित उपयोग करने को लेकर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने इस प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने और ग्रामीणों को सीधे तौर पर जोड़ने के उपायों पर भी चर्चा की। कृषि और किसानों के उत्थान पर बात करते हुए सीईओ श्री प्रदीप दवे ने कहा कि किसानों द्वारा अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती अपनाना समय की मांग है। यदि किसान ‘प्राकृतिक उत्थान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी’ से जुड़ते हैं, तो उनकी उपज का उचित मूल्यवर्धन संभव है। इससे किसान अपनी उपज के पोषणक्षम और लाभकारी मूल्य स्वयं तय कर सकेंगे और उनकी आय दोगुनी करने में बड़ी सफलता मिलेगी। इसके लिए उन्होंने किसानों के संगठनात्मक बल को अनिवार्य बताया। प्राकृतिक उत्थान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर काशीराम वाघेला ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी कंपनी प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देने, खेतों का प्रत्यक्ष दौरा कर मार्गदर्शन प्रदान करने तथा कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए व्यवस्थाएं करने में सदैव अग्रणी रहेगी। प्रशिक्षण में उपस्थित विभिन्न गांवों के प्रमोटरों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में प्रत्येक गांव में औसतन 20 से 25 किसान प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हो चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक किसान इस अभियान से जुड़ेंगे। सतीश/19 जनवरी