:: गुप्त नवरात्रि पर अनुष्ठान प्रारंभ, अरणि मंथन से प्रज्वलित हुई यज्ञ की अग्नि, 23 को होगा जनेऊ संस्कार :: इंदौर (ईएमएस)। एयरपोर्ट रोड स्थित प्राचीन हंसदास मठ के दसवें लोकार्पण दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। हंस पीठाधीश्वर स्वामी रामचरणदास और महामंडलेश्वर महंत पवनदास के पावन सान्निध्य में यह दिव्य अनुष्ठान शोभा यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। विशेष बात यह है कि इस महायज्ञ के साथ ही गुप्त नवरात्रि का पुण्य पर्व भी शुरू हो गया है। मठ के पं. अमितदास ने बताया कि भगवान रणछोड़जी और चिंतारहण पंचमुखी हनुमानजी को समर्पित यह अनुष्ठान 23 जनवरी तक चलेगा। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों के जल से भरे कलश मस्तक पर धारण कर भव्य शोभा यात्रा निकाली। यज्ञ देवता और भगवान लक्ष्मीनारायण के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। यज्ञाचार्य पं. विवेक कृष्ण शास्त्री के निर्देशन में विद्वान आचार्यों ने अरणि मंथन के साथ यज्ञ शाला में अग्नि स्थापन किया, जिसके बाद स्वाहाकार की मंगल ध्वनियां गूंज उठीं। :: शास्त्रोक्त विधि से पूजन और आहुतियां :: यज्ञ के प्रथम दिन प्रायश्चित कर्म, गणेश अम्बिका पूजन और कलश पूजन जैसी शास्त्रोक्त विधियां संपन्न हुईं। यजमान वर्षा शर्मा, अनंत महंत और विनोद कुमार जोशी ने यज्ञ कुंड में आहुतियां समर्पित कर अनुष्ठान का श्रीगणेश किया। यज्ञ में श्रीसूक्त और पुरुषसूक्त के मंत्रों से आहुतियां दी जा रही हैं। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ शाला की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव के लिए संपूर्ण मठ परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया है। :: बसंत पंचमी पर सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार :: महोत्सव के समापन अवसर पर 23 जनवरी (बसंत पंचमी) को सुबह 9 बजे से सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन किया जाएगा। विश्व ब्राह्मण समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. योगेन्द्र महंत ने बताया कि ब्राह्मण बटुकों के लिए यह आयोजन हंसदास मठ के संयुक्त तत्वावधान में होगा। उल्लेखनीय है कि इस मठ में प्रभु राम की 6 फीट ऊंची दिव्य प्रतिमा विराजमान है, जो शहर में अद्वितीय है। उत्सव के दौरान राम दरबार का विशेष श्रृंगार भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। प्रकाश/19 जनवरी 2025