क्षेत्रीय
19-Jan-2026
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-संविदा वर्ग-1 के वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों ने हवन किया; सीएम से लगाई गुहार भोपाल (ईएमएस) ।संविदा शिक्षक वर्ग-1 में वेटिंग लिस्ट में शामिल सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में हुंकार भरी। ये सभी अभी प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं और साल 2023 की उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1 की वेटिंग लिस्ट में शामिल हैं। उनका कहना है कि सरकार को 8420 हजार पदों पर भर्ती करना है, लेकिन भर्ती सिर्फ 2901 पद पर ही हुई है। इस वजह से वे वेटिंग लिस्ट में आ गए हैं। सरकार पद बढ़ा देगी तो वेटिंग क्लियर हो जाएगी। वर्ग-1 उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 में वेटिंग सूची में शामिल सैकड़ों अभ्यर्थी पिछले दो साल से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि पद वृद्धि और सेकेंड काउंसलिंग की जाए। ताकि लंबे समय से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सके। सुबह 11 बजे सभी अभ्यर्थी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाहर इकट्ठा हुए। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बंगले पर पहुंचे। वेटिंग शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज कुमार द्विवेदी ने बताया, साल 2023 में 2 से 20 अगस्त तक परीक्षा हुई थी। तब से अब तक वर्ग-1 में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कुल 8420 पदों पर सरकार ने भर्ती निकाली थी, लेकिन भर्ती सिर्फ 2901 पदों पर ही हुई है। सीएम के तस्वीर के साथ किया हवन दूसरी ओर, करीब 58 हजार पद सरकार मंजूर कर चुकी हैं। वित्त मंत्री लेटर भी लिख चुके हैं। बावजूद सरकार और विभाग पदों को नहीं बढ़ा रहा है। इस वजह से हजारों शिक्षकों का भविष्य अंधेरे में हैं। सभी अभी प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वेटिंग लिस्ट को क्लियर करने की मांग को लेकर पिछले दो साल से प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम से लेकर विभाग के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। यहां तक कि दंडवत यात्रा भी निकाल चुके हैं। बावजूद पद नहीं बढ़े। इसलिए आज हवन से आंदोलन की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर के साथ हवन किया और फिर रैली के रूप में डिप्टी सीएम के बंगले पर पहुंचे। सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो बड़ा आंदोलन करेंगे प्रदर्शन का नेतृत्व देवेश पालीवाल, मनोज दंडोतिया, नीरज द्विवेदी और नागूसिंह देवड़ा कर रहे हैं। उन्होंने बताया, भर्ती प्रक्रिया में उपलब्ध पदों की तुलना में वेटिंग सूची में शामिल अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है। बावजूद सरकार द्वारा अब तक पद वृद्धि और दूसरी काउंसलिंग को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस आंदोलन के बाद भी सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र किया जाएगा।