राज्य
21-Jan-2026


- इच्छुक युवा 31 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन पटना, (ईएमएस)। बिहार सरकार ने अब मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना शुरू की है जिसके तहत लोगों को रोजगार देना है। दरअसल पांच सालों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का वादा कर चुके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को फिर से एक बड़ा मौका देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार ने अब मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना शुरू की है। इसके तहत युवाओं को सरकारी विभागों और बड़े प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा। सरकार उन्हें शीर्ष प्रबंधन संस्थान आईआईएम का सर्टिफिकेट भी देगी। बताया गया है कि मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को बिहार सरकार प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम बोधगया के साथ मिलकर पूरा कर रही है। इच्छुक युवा 31 जनवरी तक आवेदन कर डेढ़ लाख तक का मानदेय प्राप्त कर सकते हैं। सरकार अपनी फेलोशिप योजना के तहत युवाओं को अलग-अलग विभागों और सरकारी कार्यालयों से युवाओं को जोड़ेगी। इसके तहत कहां कितना मानदेय मिलेगा वो इस प्रकार है- * उप-मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए 10 वर्षों का अनुभव होना चाहिए, इसके लिए 1 लाख 50 हजार रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है। * नगर निगम, आयुक्त कार्यालय, डीएम कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में संबद्ध होने वाले फेलो को 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, जिसके लिए उन्हें 80 हजार रुपए मानदेय निर्धारित किया गया है। * विभिन्न सरकारी विभागों में संबद्ध होने वाले फेलो को 6 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, उन्हें 1 लाख रुपये का मानदेय मिलेगा। * विकास आयुक्त कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय में संबद्ध फेलो को 8 वर्षों का अनुभव होने चाहिए, इन्हें 1 लाख 25 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। योजना के लिए केवल बिहार के मूल निवासी ही पात्र होंगे। इनकी आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उनके पास प्रबंधन, नीति, विकास अध्ययन, लोक प्रशासन, क्षेत्रीय नियोजन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी या संबद्ध विषयों में किसी प्रतिष्ठित संस्थान से स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य है। वहीं कैट, जीमैट, जीआरइ, गेट, यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट में वैध स्कोर होना आवश्यक है। सरकार कह रही है कि इस योजना का मकसद है कि प्रतिभाशाली युवाओं को नीति निर्धारण और कार्यान्वयन की प्रक्रिया से जोड़ा जाये। इस योजना के तहत चयनित फेलोज सरकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेंगे, जिससे बिहार के विकास को नई दिशा मिलेगी। संतोष झा- २१ जनवरी/२०२६/ईएमएस