राज्य
22-Jan-2026


25 करोड़ का डिपो प्रोजेक्ट अटका, आने वाली है 100 इलेक्ट्रिक बसें भोपाल (ईएमएस)। शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना अधर में लटक गई है। ई-बस संचालन के लिए बनाए जा रहे दोनों प्रमुख डिपो समय पर तैयार नहीं हो सके हैं, जिसके चलते बसों के सड़कों पर उतरने में देरी तय मानी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल में ई-बस सेवा के लिए कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में दो अत्याधुनिक डिपो विकसित किए जा रहे हैं। इन डिपो में हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन, ट्रांसफॉर्मर, मेंटेनेंस वर्कशॉप और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत शहर में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जानी हैं, जिससे यात्रियों को प्रदूषण-मुक्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके। यह परियोजना केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत लागू की जा रही है।जानकारी के अनुसार, संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्थित डिपो का निर्माण कार्य आधे से अधिक पूरा हो चुका है। यहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का काम प्रगति पर है। इसके उलट कस्तूरबा नगर में प्रस्तावित ई-बस डिपो का निर्माण कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन प्रभावित हो रही है। इस काम को देख रहे निगम के इंजीनियर प्रमोद मालवीय ने बताया कि एक डिपो कंपलीट होने पर अप्रैल-मई तक करीब 50 बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। ई-बसों के संचालन के लिए भारी क्षमता वाले चार्जिंग पॉइंट और तकनीकी मेंटेनेंस व्यवस्था अनिवार्य है। जब तक दोनों डिपो पूरी तरह तैयार नहीं होते, तब तक 100 ई-बसों को सड़कों पर उतारना संभव नहीं है। यही कारण है कि ई-बस सेवा की लॉन्चिंग टलती जा रही है। ई-बसों को डीजल बसों के विकल्प के रूप में लाकर शहर में प्रदूषण और शोर कम करने की योजना थी। लेकिन डिपो निर्माण की धीमी रफ्तार ने इस ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधा मिलने में भी देरी हो रही है। परिवहन विभाग और नगर निगम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि डिपो निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और आने वाले महीनों में दोनों डिपो तैयार कर लिए जाएंगे। इसके बाद ई-बसों के ट्रायल रन और संचालन की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल भोपाल की सड़कों पर 100 इलेक्ट्रिक बसें कब दौड़ेंगी, इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं हो सकी है। सुदामा नरवरे/22 जनवरी 2026