राज्य
22-Jan-2026


कैडर संशोधन और वेतनमानों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने का आरोप लगाया भोपाल (ईएमएस)। पिछले महीने हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों से नाराज संविदा, आउटसोर्स और अस्थाई कर्मचारियों ने सतपुड़ा भवन के सामने सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले चल रहे आंदोलन को पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में किया जा रहा है। कमर्चारी नेताओं का कहना है कि कैबिनेट के फैसले के बाद कैडर संशोधन और वेतनमानों को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी असमंजस ने कर्मचारियों के बीच छंटनी की आशंका और भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता पैदा कर दी है। कर्मचारी मंच का आरोप है कि सरकार कैडर संशोधन के नाम पर संरचना बदलने की बात कर रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि मौजूदा संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य क्या होगा। वेतनमान तय करने में भी सरकार की अस्पष्ट नीति कर्मचारियों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह के अधूरे और भ्रमित फैसलों से हजारों कर्मचारियों पर नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है। आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि यदि कैडर संशोधन के नाम पर पद समाप्त किए गए या नई व्यवस्था लागू की गई, तो सबसे पहले संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को बाहर किया जाएगा। इसी डर के चलते कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने कहा कि सत्याग्रह आंदोलन अस्थाई, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की पांच प्रमुख मांगों को लेकर किया जा रहा है। इनमें हाईकोर्ट के आदेशानुसार लाभ देना, अस्थाई पदों को स्थायी करना, दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करना, न्यूनतम वेतन/कलेक्टर दर से भुगतान और पेंशन सुविधा लागू करना शामिल है।कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार निर्णय टाल रही है और आश्वासन देकर समय निकाल रही है। 22 दिसंबर के कैबिनेट फैसले ने कर्मचारियों की समस्याएं हल करने के बजाय उन्हें और उलझा दिया है। सुदामा नरवरे/22 जनवरी 2026