-कल्याण डोंबिवली नगर निगम में राज ठाकरे की मनसे से मिला हाथ मुंबई,(ईएमएस)। महाराष्ट्र में सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बीच खींचतान नजर आती रही है। कई बार शिंदे नाराज भी दिखे हैं, लेकिन अब उन्होंने ऐसा कदम उठाया है, जिससे बीजेपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना दोनों ही सकते में आ गए हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण तैयार करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कल्याण डोंबिवली नगर निगम में राज ठाकरे की मनसे से हाथ मिला लिया है। इससे यहां बीजेपी अकेली ही रह गई है, जिसके साथ मिलकर एकनाथ शिंदे की पार्टी ने चुनाव लड़ा था। इसके अलावा राज ठाकरे ने उद्धव सेना का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के दल का समर्थन किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह एकनाथ शिंदे की शिवसेना को एक अहम नगर निगम में सत्ता मिल जाएगी। इसके अलावा बीजेपी को भी वह झटका दे सकेंगे, जिसके साथ महीनों से रस्साकशी चल रही है। वहीं उस उद्धव सेना को भी झटका दिया है, जिसे तोड़ने के आरोप उन पर लगते रहते हैं। ठाकरे परिवार को उसी फैमिली के एक अहम सदस्य को साथ लेकर झटका देने की एकनाथ शिंदे की नीति ने सभी को चौंका दिया है। इस तरह राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की एकता एक महीने भी नहीं चल सकी और नए समीकरण बनाते हुए राज ठाकरे ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना से हाथ मिला लिया है। राज ठाकरे की पार्टी को इस तरह सत्ता में रहने का एक मौका मिल जाएगा। बता दें कल्याण-डोंबिवली में कुल 122 सीटें हैं। यहां शिवसेना को 53 पर जीती है, जबकि बीजेपी को 50 सीटे मिली हैं। अब शिवसेना ने मनसे के 5 पार्षदों का समर्थन हासिल कर लिया है। यहां मेयर बनाने के लिए जादुई नंबर 62 का है और 58 पार्षद एकनाथ शिंदे को मिल चुके हैं। अब चार और पार्षदों की जरूरत है। ऐसी भी खबर है कि एकनाथ शिंदे की ओर से उद्धव सेना के 11 पार्षदों पर डोरे डाले जा रहे हैं। यदि इनमें से 4 साथ आए तो कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना की सरकार बन जाएगी। इसके बाद भी यदि एकनाथ शिंदे सेना ने मनसे को साथ लिया है तो उसका इरादा यही लगता है कि वह बीजेपी से अलग होकर सरकार बनाने की तैयारी में है। दरअसल शिवसेना यहां अपने दम पर सरकार इसलिए बनाना चाहती है क्योंकि एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे यहीं से सांसद हैं। वह नहीं चाहते कि बीजेपी यहां ज्यादा विस्तार करे। सिराज/ईएमएस 22जनवरी26