गाइडलाइन दरों पर अनिर्णय से जनता परेशान रायपुर(ईएमएस)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए साय सरकार और भाजपा को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने धान खरीदी की तिथि बढ़ाने, धान खरीदी में भ्रष्टाचार, मनरेगा में बदलाव, जमीनों की गाइडलाइन दरों तथा शंकराचार्य के अपमान जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हक का पैसा नहीं दे रही और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। बैज ने कहा कि धान खरीदी में अब एक हफ्ते का समय शेष है। सरकार ने अंतिम तिथि 31 जनवरी घोषित की है, जिसमें सिर्फ 9 दिन बचे हैं। इनमें 4 दिन (24, 25, 26, 31 जनवरी) अवकाश रहेंगे, यानी सिर्फ 5 दिन खरीदी होगी। ऑनलाइन टोकन काटना बंद कर दिया गया है और ऑफलाइन टोकन भी नहीं काटे जा रहे। अभी तक 5.5 लाख किसान धान नहीं बेच पाए हैं और 4.7 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हुआ। अभी तक मात्र 115 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, जबकि कुल लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन है। पांच दिन में 50 लाख टन की खरीदी संभव नहीं, इसलिए तिथि बढ़ाई जाए। कांग्रेस ने मांग की कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाई जाए, ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया फिर शुरू की जाए और सभी सोसायटियों में ऑफलाइन टोकन देना शुरू किया जाए। सरकार सुनिश्चित करे कि प्रदेश के हर किसान का दाना-दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। बैज ने आरोप लगाया कि किसानों को धान बेचने से रोकने के लिए बिना सहमति जबरिया रकबा सरेंडर करवाया गया और पूर्व से जारी टोकन निरस्त करवाए गए, जिससे हजारों किसान सरकार के षड्यंत्र का शिकार हुए। बैज ने कहा कि समर्थन मूल्य में उपार्जित धान की सुरक्षा और रखरखाव का उत्तरदायित्व राज्य सरकार का है, लेकिन इस सरकार की उपेक्षा और भ्रष्टाचार से एक हजार 37 करोड़ 55 लाख का नुकसान एक ही साल की खरीदी में हो चुका है। पिछले वर्ष के धान का निराकरण नहीं हो पाया, धान संग्रहण केंद्रों में सड़ रहा है, चूहे खा रहे, दीमक लगकर खराब हो रहा। पिछले खरीद वर्ष में 25 लाख 93 हजार 880 क्विंटल धान की मिलिंग ही नहीं करवाई गई, जिसमें से 21 लाख 77 हजार 470 क्विंटल धान राज्य सहकारी विपणन संघ के केंद्रों में शेष बताया गया। अब षड्यंत्र पूर्वक नष्ट होना बता रहे। बस्तर में 1 लाख क्विंटल से अधिक धान सड़ गया है, यह लापरवाही नहीं बल्कि सत्ता संरक्षण में किया गया अपराध है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने 2023 में वादा किया था कि किसानों को 3100 रू. प्रति क्विंटल में धान खरीदेगी, लेकिन सरकार किसानों को पूरी कीमत नहीं दे रही। दो सालों में धान के समर्थन मूल्य में 186 रू. की बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकार इस बढ़ोतरी को जोड़कर 3286 रू. में भुगतान करें। प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से सरकार प्रति एकड़ किसानों को 3906 रू. भी नहीं दे रही, जिससे लगभग 6500 करोड़ छत्तीसगढ़ के किसानों के हक का नहीं दिया जा रहा। बैज ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया, जो महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है। कांग्रेस पूरे देश में इसका विरोध कर रही है। छत्तीसगढ़ में भी मनरेगा बचाओ संग्राम का आयोजन लगातार हो रहा है, जिसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस, मौन धरना और जनसंपर्क पदयात्राएं शामिल हैं। कई जिलों में बैज खुद शामिल हुए। नया फ्रेमवर्क मनरेगा को केंद्र द्वारा कंट्रोल स्कीम में बदल देता है, जो गरीबों से काम का अधिकार छीनता है। कांग्रेस मनरेगा बचाओ संग्राम का फरवरी माह तक विस्तार करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जमीनों की गाइडलाइन दरों को विसंगतिपूर्ण बढ़ाने के बाद विरोध पर रोक लगाई गई, लेकिन 1 माह से अधिक हो गया और सरकार अनिर्णय की स्थिति में है। इससे जमीन की खरीदी-बिक्री लगभग बंद है। आम आदमी, किसान, व्यापारी सभी परेशान हैं। इससे साबित होता है कि सरकार में फैसला लेने की क्षमता नहीं बची या गुटबाजी के कारण गाइडलाइन पर फैसला नहीं ले पा रही। कांग्रेस मांग करती है कि पिछले साल की गाइडलाइन को तत्काल लागू किया जाए। बैज ने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने और दुर्व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हैं। खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार हिंदू संतों का अपमान कर रही है। शंकराचार्य 40 वर्षों से शाही स्नान करते आ रहे हैं, लेकिन पहली बार रोका गया। भाजपा सरकार ने सनातन परंपरा का अपमान किया। यूपी सरकार द्वारा शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगना हिंदू धर्म का अपमान है। प्रधानमंत्री मोदी ने अविमुक्तेश्वरानंद के सामने सिर झुकाया था, तब वे शंकराचार्य थे? गोहत्या पर सवाल उठाने और मंदिर की अधूरी प्राण प्रतिष्ठा का विरोध करने पर अब प्रमाण मांगा जा रहा है? भाजपाई मुसलमानों से कागज मांगते-मांगते शंकराचार्य से कागज मांगने लगे। सत्यप्रकाश(ईएमएस)22 जनवरी 2026