नई दिल्ली (ईएमएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद हाल ही में भारत आए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। बैठक 2022 में हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के कार्यान्वयन के बाद हुई। 2032 तक व्यापार को दोगुना कर 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया। वित्त वर्ष 2025 में भारत-यूएई व्यापार 100 अरब डॉलर पार कर गया। हालांकि, भारत का व्यापार यूएई के पक्ष में झुका हुआ है। वित्त वर्ष 2025 में भारत का निर्यात 36.64 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 63.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। परिणामस्वरूप, भारत का व्यापार घाटा लगभग 27 अरब डॉलर रहा। भारत ने यूएई को रत्न और आभूषण, रेडीमेड कपड़े, ऑटो उपकरण, चमड़ा उत्पाद, कांच, सिरेमिक और सीमेंट निर्यात बढ़ाया। ऊर्जा क्षेत्र में एचपीसीएल और एडीएनओसी गैस के बीच एनएनजी खरीद समझौता हुआ। निर्यात बढ़ाकर और निवेश सहयोग मजबूत करके भारत-यूएई व्यापार संतुलन सुधारा जा सकता है और 2032 तक लक्षित 200 अरब डॉलर हासिल किया जा सकता है।