क्षेत्रीय
23-Jan-2026
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ब्यावरा (ईएमएस) नगर स्थित बाबा श्री खाटू श्याम जी मंदिर में बसंत पंचमी के मौके पर 5 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। मंदिर परिसर में सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा वातावरण भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंज उठा। परंपरा के अनुसार, इस शुभ दिन बाबा श्री खाटू श्याम जी के गले में वर्षभर विराजमान रहने वाले पीतांबरी वस्त्रों को विधि-विधान के साथ बदला गया। इन पुराने पीतांबरी वस्त्रों को बाद में प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। इस पावन अवसर पर करीब 5 हजार लोगों को वस्त्र वितरित किए गए। लोग कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस दिन के लिए मंदिर परिसर को भी आकर्षक रूप से समझाया गया। बाबा श्याम का श्याम वर्ण श्रृंगार किया गया। उज्जैन से मंगवाए गए 51 किलो सुगंधित फूलों से श्रृंगार किया गया। दोपहर आरती तक बाबा के दरबार में लोग दर्शन करने पहुंचे। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि इन पवित्र वस्त्रों को प्राप्त करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि बाबा के इन वस्त्रों के दर्शन और प्राप्ति से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। - 51 किलों फूलों से भगवान का श्रृंगार दर्शन किया गया। आरती के पश्चात पीतांबरी वितरण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने श्रद्धाभाव से बाबा के दर्शन किए और पीतांबरी प्राप्त की। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम भी किए गए थे, जिससे आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ। - बसंत पंचमी पर विद्या भारती की ओर से विद्यारंभ संस्कार हुआ ब्यावरा नगर में बसंत पंचमी के मौके पर विद्या भारती की ओर से विद्यारंभ संस्कार हुआ। इस दौरान नन्हे बच्चों का वैदिक परंपरा के अनुसार विधिवत विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वेद यात्रा से हुई। बच्चों ने मां सरस्वती की सुंदर सजावट के साथ हाथों में वेद एवं धार्मिक ध्वज लेकर शोभायात्रा निकाली। वेद मंत्रों और भजनों की गूंज के बीच निकली इस यात्रा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद मुख्य समारोह में गायत्री परिवार के सदस्य हवलदार सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के माध्यम से बच्चों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया। बच्चों ने पहली बार यज्ञ में आहुति देकर शिक्षा के पथ पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। इस दौरान बच्चों को ॐ और श्री गणेशाय नमः लिखवाकर उनके शैक्षणिक जीवन का शुभारंभ कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता शिक्षिका एवं प्रबंध समिति की सदस्य रजनी शर्मा ने कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, विद्या और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने इस पावन दिन पर बच्चों की शिक्षा का प्रारंभ वैदिक और सनातन परंपरा के अनुसार होने को गर्व की बात बताया। उन्होंने अभिभावकों से आधुनिक तकनीक और अंग्रेजी शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कारों का विकास करने का आह्वान किया। नन्हे बच्चों का वैदिक परंपरा के अनुसार विधिवत विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। नन्हे बच्चों का वैदिक परंपरा के अनुसार विधिवत विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को आशीर्वाद एवं प्रसाद वितरित किया गया। इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति, शिक्षा और संस्कारों के महत्व को पुनः उजागर किया, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की।-निखिल कुमार (ब्यावरा)23/1/2026