-लिटरेचर फेस्टिवल में गए, यह एशिया का सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस में अंदरुनी कलह थम नहीं रही है। पिछले कुछ मामलों में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर इसके केंद्र में रहे हैं। सूत्रों की मानें तो शशि थरूर राहुल गांधी से खुश नहीं हैं और वे शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी की होने वाली एक अहम बैठक में शामिल नहीं होंगे। शशि थरूर के ऑफिस की तरफ से इस बाबत बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि शशि थरूर शुक्रवार को दिल्ली में होने वाली केरल कांग्रेस की अहम चुनावी तैयारी बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनके कार्यालय ने कहा कि वे केरल लिटरेचर फेस्टिवल के लिए कालीकट में हैं, जो एशिया का सबसे बड़ा साहित्य महोत्सव है। उन्होंने पार्टी को पहले ही सूचित कर दिया था कि वह बैठक में शामिल नहीं होंगे। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के हालिया कोच्चि दौरे में उन्हें अपेक्षित सम्मान न मिलने से थरूर नाराज हैं और इस कारण वह शुक्रवार को होने वाली कांग्रेस की अहम बैठक में शामिल नहीं होंगे। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत केरल इकाई के सीनियर लीडर राज्य में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक शशि थरूर के इस फैसले को पार्टी के अंदर चल रही असहजता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोच्चि दौरे के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें पर्याप्त मंच नहीं मिला, जिससे वे आहत हैं। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि थरूर की नाराजगी काफी समय से अंदरखाने सुलग रही थी। दरअसल, बीते कुछ महीनों में थरूर के कुछ बयान और सोशल मीडिया पोस्ट पार्टी नेतृत्व को असहज करने वाले रहे हैं। बात दें पीएम मोदी और केंद्र सरकार के कुछ कदमों की सराहना करते हुए उन्होंने सार्वजनिक मंचों पर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग माना गया। अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाइयों पर थरूर की टिप्पणियों को भी पार्टी के भीतर अलग नजरिए के तौर पर देखा गया। इस बीच गुरुवार को थरूर ने पूर्व बीजेपी सांसद और मौजूदा भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर के साथ एक सेल्फी साझा की, जिसमें उन्होंने गंभीर के काम की सराहना करते हुए लिखा कि भारत में प्रधानमंत्री के बाद यह दूसरा सबसे कठिन काम है। इस टिप्पणी पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि थरूर ने खुद पीएम मोदी के कठिन कार्यभार को स्वीकार किया है, जबकि विपक्ष लगातार उन पर सवाल उठाता रहता है। बीजेपी ने कांग्रेस और थरूर के बीच बढ़ती दूरी को लेकर तंज कसते हुए दावा किया कि जल्द ही पार्टी की ओर से उनके खिलाफ एक और फतवा जारी किया जा सकता है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के भीतर मतभेद अब सार्वजनिक होते जा रहे हैं, जिससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं। सिराज/ईएमएस 23जनवरी26