क्षेत्रीय
23-Jan-2026
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नैनपुर(ईएमएस)। बाल विवाह सामाजिक कुरीतियां है इससे बच्चों का संपूर्ण विकास रुक जाता है और वह अपनी उम्र के पहले ही जवाबदारी के बोझ की ताले दब जाते हैं विगत दिवस,नैनपुर दिन शुक्रवार को परियोजना नैनपुर के जामा मस्जिद मे मौलवी साहब के द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों से बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण में सहयोग प्रदान करने हेतु अपील किया गया एवं परियोजना स्तर में संचालित कन्ट्रोल रूम की जानकारी देते हुये बताया गया कि 18 वर्ष के पहले लड़की एवं 21 वर्ष के पहले लड़के का विवाह बाल विवाह कहलाता है, जिसे सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया है बाल विवाह करने वाले, करवाने वाले एवं बाल विवाह में शामिल होने वाले लोगों को 1 लाख का जुर्माना और 2 वर्ष का कारावास या दोनो का प्रावधान है। संस्थापकों को हब एवं वन स्टॉप सेंटर में दी जानेवाली सहायताओं के बारे में भी बता कर उन्हें जागरुक किया गया साथ ही शासन की योजनाओं के बारे में भी बताया गया। इससे समाज में जागरूकता होगी और बाल विवाह में रोक लगने का मार्ग प्रशस्त होगा उक्त समाचार के माध्यम से हम आप सभी को आगाह करना चाहते हैं कि शासन के द्वारा जो उम्र विवाह के लिए तय की गई है आप तभी अपने बच्चों का विवाह करें। 23 जनवरी, 2026