श्री बाबा झुंगीनाथ धाम में 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा बस्ती (ईएमएस)। श्री बाबा झुंगीनाथ धाम में 7 दिवसीय सरस संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा एवं श्रीश्री विष्णु महायज्ञ और सन्त सम्मेलन में व्यासपीठ से कथा के चौथे दिन कथा व्यास दया निधि गोस्वामी जी महाराज ने कहा कि जिसका शरीर सुन्दर है किन्तु हृदय विष से भरा हुआ है वही पूतना है। पूतना का विनाश होने पर ही कृष्ण मिलन हो पाता है। जीव भगवान की शरण ले तो उसके सभी पाप दूर हो जाते है। ‘‘ सन मुख होय जीव मोहि जबही। जन्मकोटि अघ नाशहुं तबही।। मनुष्य एक दूसरे को देव रूप मानने लगें तो कलयुग, सतयुग बन सकता है। भजन के लिये अनुकूल समय की प्रतीक्षा न करो, कोई भी क्षण भजन के लिये अनुकूल है। प्रत्येक क्षण को सुधारोगे तो मृत्यु भी सुधरेगी। भगवान विष्णु के पंचम अवतार, वामन भगवान का पावन जन्म प्रसंग, राजा बलि की महान दानवीरता, गुरु शुक्राचार्य की चेतावनी, वामन भगवान द्वारा तीन पग भूमि की याचना तथा त्रिविक्रम रूप में समस्त ब्रह्मांड को नापने की अद्भुत लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुये महात्मा जी ने कहा कि यह कथा अहंकार के त्याग, भक्ति की महिमा और भगवान की कृपा का दिव्य संदेश देती है। यज्ञाचार्य, मनोज पाण्डेय ने विधि विधान से पूजन अर्चन कराया। यज्ञ के आयोजक पं0 धु्रवचन्द्र पाठक व यज्ञ यजमान डी.एम.तिवारी, विनोद पाण्डेय, शीतला गोस्वामी, हरिओम तिवारी, दिनेश पाण्डेय , जय प्रकाश दास ,उदय नारायण पाठक, उर्मिला त्रिपाठी, (मंदिर पुजारी) शीतला गोसाई, देवी प्रसाद गोस्वामी, सीता पाठक, रंजना पाठक , सुधांशु पाठक, अंकुर पाठक, शुभम् पाठक , भावेश पाण्डेय , माता बदल, उदय नारायण पाठक, महेंद्र पाठक, शानू पाठक, जगदम्बा पाण्डेय, सुधांशु पाठक, शुभम पाठक, रंजना पाठक, सीता पाठक, राघवेंद्र पाठक, गुरू प्रसाद गुप्ता व क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। 23 जनवरी, 2026