23-Jan-2026
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वाराणसी(ईएमएस)। बी एच यू अपने 111वें स्थापना दिवस उत्सव के अवसर पर महामना की बगिया काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भारतीयता के रंग में रंग गया। वर्ष 1916 में वसंत पंचमी के दिन ही विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई थी। समूचा विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह की आभा में दमकता दिखाई दिया तथा विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने इस विशेष अवसर को अत्यंत उत्साह व उल्लास के साथ मनाया। समारोह की शुरुआत शुक्रवार प्रातः 7 बजे स्थापना स्थल पर हवन-पूजन के साथ हुई, जिसमें कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, परीक्षा नियंता एवं कला संकाय की संकायप्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल, छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह, मुख्य आरक्षाधिकारी प्रो. संदीप पोखरिया, विभिन्न संस्थानों के निदेशक, संकाय प्रमुख, अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलपति जी ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी। विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न संकायों, केन्द्रों व संस्थानों ने “भारत: समग्रता के साथ निरंतरता” की थीम पर झांकियाँ प्रस्तुत की। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी तथा मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने प्रातः 10 बजे लक्ष्मण दास अतिथि गृह चौराहे पर हरी झंडी दिखाकर स्थापना दिवस झांकियों के शोभायात्रा की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा भी उपस्थित रहे। इन झांकियों में भारत की विशेषताओं, विविधता एवं समृद्ध विरासत के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में देश की उपलब्धियों व विकास गाथा और अतीत के अद्वितीय ज्ञान, परंपरा और संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। स्थापना दिवस समारोह के अवसर कुल 31 झाँकिया निकाली गईं। मालवीय भवन से गुजरती हुई भव्य झांकियों की शोभायात्रा में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास में अतीत के योगदान के साथ-साथ विरासत को वर्तमान में सहेजना यानी कि समग्रता के साथ निरंतरता को रेखांकित किया गया। डॉ नरसिंह राम,23 जनवरी, 2026