नई दिल्ली(ईएमएस)। ट्रेड डील को लेकर अमेरिका से तनातनी के बीच भारत लगातार प्लान- बी पर काम कर रहा है, इस कड़ी में अगले हफ्ते भारत और यूरोपीय संघ के बीच बड़ी डील हो सकती है। भारत और ईयू लंबे समय से बातचीत में लगे मुक्त व्यापार समझौते के अंतिम चरण तक पहुंच चुके हैं, और इसको 27 जनवरी 2026 के इंडिया- ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया जा सकता है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा है। दरअसल, यह एक ऐसा समझौता है, जो दुनिया की लगभग 2 अरब आबादी और वैश्विक जीडीपी के चौथाई हिस्से को जोड़ता है. यह एफटीए मुख्य रूप से सामान, सेवाओं और ट्रेड नियमों को शामिल करेगा। समझौते को ईयू परिषद में मंजूरी और यूरोपीय संसद की पुष्टि के बाद लागू किया जाएगा, जो एक साल या उससे अधिक समय ले सकता है. यह भारत का एक तरह से 9वां एफटीए है। ईयू के साथ भी एफटीए में कृषि और डेयरी को बाहर रखा जाएगा। एफटीए के तहत ईयू की मांग है कि 95% से अधिक वस्तुओं पर टैरिफ हटाया जाए, जबकि भारत इसे लगभग 90% तक सीमित रखना चाहता है। यूरोपीय संघ दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड ब्लॉक है. इस डील के बाद भारतीय प्रोडक्ट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम या फिर खत्म हो जाएगी। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप अमेरिका पर निर्भरता खत्म करने के लिए भारत के ऑर्म्स की ओर देख रहा है, ऐसे में हथियारों की सप्लाई भारत से बढ़ सकती है। इसके साथ ही टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, फार्मा प्रोडक्ट्स, चमड़ा, जूते, जेम्स एंड ज्वेलरी, आईटी और सर्विस सेक्टर चीजों का नियार्त तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। एफटीए डील के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन को वो चीजें भी भेजी जाएंगी, जो भारत में बनती हैं। इसमें डिफेंस इक्यूपमेंट से लेकर अन्य मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स शामिल हैं। साथ ही कम लागत में रॉ-मैटेरियल भी यूरोप से आ सकेंगे, जिससे कम लागत में चीजों का भारत में निर्माण होगा। बड़े स्तर पर निवेश भारत में आएगा, नई फैक्ट्रियां खुलेंगी और तकनीक स्थानांतरण भी आसान होगा। एफटीए के बाद यूरोपीय देशों को भारत के बड़े और बढ़ते उपभोक्ता बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी। वर्तमान में ईयू से भारत को निर्यात पर औसत 9.3% टैरिफ लगता है। एफटीए से ऑटोमोबाइल, मशीनरी, एयरक्राफ्ट, रसायन और निवेश के सेक्टर में विस्तार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे दोनों तरफ के निर्यात और निवेश संबंध मजबूत होंगे। यूरोपीय निवेश से स्टॉर्टअप्स को भी लाभ होगा। ईएमएस / 23 जनवरी, 2026