क्षेत्रीय
23-Jan-2026


नकल प्रकरण रोकने विभाग सख्त, नए पेटर्न के आधार पर बच्चों की कराएं तैयारी छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। फरवरी माह में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होनी है। जिसकों लेकर शिक्षक सहित बच्चे अब तैयारियों में जुट गए है। इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल प्रकरण रोकने के लिए विभाग सख्त हो चुका है। विभाग ने इस बार बच्चों के साथ साथ शिक्षकों के लिए भी सख्ती बरती है। बताया जा रहा है कि इस बार परीक्षा केन्द्रों पर शिक्षक अपने साथ अपना मोबाईल भी नहीं ले जा सकेंगे। जिला शिक्षा कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा यह आदेश जारी किए गए है। जिसमें स्पष्ट किया गया है है कि परीक्षा केन्द्रों पर केन्द्राध्यक्ष सहित अन्य शिक्षकों को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया है कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा केन्द्रों पर लगाई गई है। उनकी परीक्षा से पहले ही जांच की जाएगी। मंडल ने विभाग से शिक्षकों की लिस्ट मांगी है। इसमें नाम के साथ शिक्षकों की संतानों और उनकी योग्यता के बारे में जानकारी देना है। फरवरी पहले हफ्ते में तय होंगे नाम परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को परीक्षा केन्द्रों के नाम परीक्षा से ठीक पहले बताएं जाएंगे। इसकी सूचना शिक्षकों को ऑनलाइन मिलेगी। यह व्यवस्था परीक्षा में गड़बड़ी न हो इसके लिए की गई है। जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों का प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। नए परीक्षा पैटर्न का ब्लू प्रिंट मंडल की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जिससे छात्र अभी से अपनी तैयारी नए स्वरूप के अनुसार शुरू कर सकें। बदले पैटर्न के आधार पर कराए बच्चों की तैयारी मंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यो को ऑनलाइन बैठक के माध्यम से जानकारी दी है कि नए पैटर्न के अनुसार अब दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया है। पहले ये प्रतिशत 25 फीसदी था। इससे छात्रों को लंबे-लंबे उत्तर लिखने की बाध्यता कम होगी और परीक्षा अपेक्षाकृत सरल हो सकेगी। वहीं शिक्षकों को बच्चों की तैयारी इसी हिसाब से करने के निर्देश दिए है। ईएमएस / 23/01/2026