वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका के आधे से अधिक हिस्से में इस समय पिछले एक दशक की सबसे विनाशकारी सर्दी ने दस्तक दे दी है, जिससे करोड़ों लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण बर्फबारी, ओलावृष्टि और हाड़ कंपा देने वाली बारिश ने पूरे देश में आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि यह शीत तूफान अपनी तीव्रता और विनाशकारी क्षमता में किसी बड़े चक्रवात से कम नहीं है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 18 करोड़ से अधिक लोग वर्तमान में बर्फ और जमती बारिश की चेतावनी के साये में जी रहे हैं, जबकि 21 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को अत्यधिक ठंड और शीत लहर को लेकर हाई अलर्ट पर रखा गया है। शुक्रवार से टेक्सास के कई क्षेत्रों में शुरू हुई जमाने वाली बारिश ने सड़कों को कांच जैसी बर्फ की खतरनाक परत से ढक दिया है, जिससे सड़कों पर वाहन चलाना जानलेवा साबित हो रहा है। यह बर्फीला तूफान अब ओक्लाहोमा, अर्कांसस और मिसिसिपी घाटी के रास्ते तेजी से पूर्वोत्तर अमेरिका की ओर बढ़ रहा है। अनुमान जताया गया है कि वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और बोस्टन जैसे प्रमुख महानगरों में एक फुट तक बर्फ की चादर बिछ सकती है। राष्ट्रीय मौसम सेवा का मानना है कि दक्षिणी मैदानी और दक्षिण-पूर्वी राज्यों में बर्फ के भार के कारण बिजली की लाइनें टूटने और पेड़ों के गिरने की घटनाएं बड़े पैमाने पर हो सकती हैं, जिससे आने वाले दिनों में लाखों घरों की बिजली गुल होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। परिवहन व्यवस्था इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुई है। अब तक 1,800 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं और हजारों यात्री डलास, शिकागो और अटलांटा जैसे हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। कई एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं और संघीय विमानन प्रशासन ने कुछ प्रमुख हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद करने के संकेत दिए हैं। भीषण परिस्थितियों को देखते हुए कई राज्यों ने औपचारिक रूप से आपात स्थिति घोषित कर दी है। शिकागो, फिलाडेल्फिया और मिडवेस्ट के कई शहरों में स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। शिक्षा संस्थानों ने छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है और सभी सामुदायिक आयोजनों को या तो रद्द कर दिया गया है या ऑनलाइन मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ठंड का आलम यह है कि नॉर्थ डकोटा के बिस्मार्क जैसे इलाकों में हवा के प्रभाव से महसूस होने वाला तापमान माइनस 41 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में मात्र कुछ मिनटों तक बाहर रहने पर भी फ्रॉस्टबाइट का शिकार होने का जोखिम है। कनाडा से आने वाली बर्फीली हवाओं ने पूरे मिडवेस्ट को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे बेघर लोगों के लिए जीवन का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन ने आनन-फानन में अस्थायी शेल्टर होम खोले हैं। बिजली कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि टेक्सास से वर्जीनिया तक के राज्यों में हीटिंग सिस्टम मुख्य रूप से बिजली पर निर्भर हैं। संघीय आपातकालीन एजेंसियां और खोज व बचाव दल प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे घरों के भीतर रहें और किसी भी स्थिति में अनावश्यक यात्रा न करें। विशेषज्ञों का मानना है कि तूफान के गुजर जाने के बाद भी जनजीवन को पटरी पर आने में लंबा समय लगेगा, क्योंकि जमा देने वाली ठंड का असर अगले कई दिनों तक बने रहने की संभावना है। वीरेंद्र/ईएमएस/24जनवरी2026