क्षेत्रीय
24-Jan-2026
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- नागरिक उपभाक्ता मंच का दावा- बिजली कंपनियों ने 307.8 करोड वसूलने की मांगी अनुमति जबलपुर (ईएमएस)। आम लोगों के घरों में परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च न लगने अर्थात ‘फ्री स्मार्ट मीटर’ के वादे की पूरी पोल खुल गयी। नागरिक उपभोक्ता मंच ने उक्त दावा करते हुए कहा कि बिजली कम्पनियों ने 307.8 करोड़ वसूलने की अनुमति मांगी है। मंच के अनुसार बिजली कम्पनियों ने रेट बढ़ाने के याचिका में (पृष्ठ 130 में) स्मार्ट मीटरिंग का एडीशनल आपरेशन खर्च 307.8 करोड उपभोक्ताओं से वसूलने की अनुमति मांगी है। बिजली कम्पनियों का कहना है कि इस खर्च की मंजूरी आयोग ने पहले ही मल्टी इयर टैरिफ आदेश में प्रदान की है। अब केवल इसकी वसूली की अनुमति चाहिए। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे ने इस वसूली पर आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि आरडीएसएस के अंतर्गत लगाये जा रहे स्मार्ट मीटरों हेतु पूरी योजना का 15 प्रतिशत तथा 7.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भारत सरकार दे रही है। साथ ही बिलिंग डाटा तथा अन्य कार्यों का खर्च 100 प्रतिशत केन्द्र सरकार उठा रही है। ऐसे में एडीशनल आपरेशनल खर्च उपभोक्ताओं से क्यों वसूलना चाहिए ? उन्होंने कहा कि नियामक आयोग को कंपनियों की इस वसूली की मंजूरी संबंधी प्रार्थना को अस्वीकार करना चाहिए। गौरतलब है कि म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली कंपनियों की याचिका पर मांगी गई आपत्तियों पर 25 जनवरी को सुनवाई प्रस्तावित है। अजय पाठक / मोनिका / 24 जनवरी 2026