क्षेत्रीय
24-Jan-2026
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- असलम चमड़ा और ड्रायवर से घंटो पूछताछ में हुए चौकानें वाले खुलासा - शिपिंग कंटेनरों से पहले मुंबई फिर वहॉ से गल्फ देशों में होता था सप्लाई - बिहार, बेंगलुरु, हैदराबाद, महाराष्ट्र सहित कई राज्यो में फैला है असलम का कारोबार भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल में पुलिस हेडक्वार्टर के सामने बीती 17 दिसंबर की रात निगम के स्लॉस्टर हाउस के वाहन से पकड़े गए 26 टन गोमांस के मामले में पुलिस ने जेल में बंद मुख्य आरोपी असलम चमड़ा और उसके ड्राइवर शोएब को 25 जनवरी तक प्रोटेक्शन वारंट पर रिमांड पर लिया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रो के मुताबिक गुरुवार से शुक्रवार रात तक अधिकारियों ने कई घंटो तक उससे पूछताछ की। लेकिन वह पुलिस को गुमराह करते हुए जप्त मांस को अपना मानने से इंकार कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि माल की पैकिंग केवल स्लॉटर हाउस में हुई थी, लेकिन वह आगरा की एक प्रतिष्ठित एग्रो फूड कंपनी का था। पुलिस ने असलम से उसके कारोबारी पार्टनर्स और करीबी लोगो की भी जानकारी हासिल की है। इसके साथ ही स्लॉटरिंग से पहले जानवरों का चेकअप करने वाले डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर की भूमिका को लेकर भी जानकारियां जुटाई गई हैं। पूछताछ के दौरान उसने यह भी बताया कि उसका माल शिपिंग कंटेनरों के जरिए मुंबई भेजा जाता था और वहां से मासं को गल्फ देशों में सप्लाई किया जाता था। जबकि हड्डियां चीन भेजी जाती थीं। असलम का कारोबार बिहार, बेंगलुरु, हैदराबाद और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में फैला हुआ है। इस बात की पुष्टि खुद असलम ने पूछताछ में की है। वहीं ट्रक ड्राइवर शोएब ने भी खुद को बचाते हुए कई राज उजागर किये है। सूत्रो के मुताबिक शोएब ने यह तो स्वीकार किया है, कि उसे प्रति ट्रिप 10 से 15 हजार रुपए मिलते थे। लेकिन उसका यह भी कहना है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी, कि कंटेनर में गोमांस भरा है। - लगातार संदेह के घेरे में आई शहर सरकार बैकफुट पर जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गोकशी किेये जाने गोमांस दूसरे राज्यो में भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की भूमिका लगातार संदिग्ध होती जा रही है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र भी सामने आ चुका है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी। स्लॉटर हाउस शुरू करने से संबंधित अनुमति एमआईसी ने दी थी। यह प्रस्ताव परिषद में भी नहीं लाया गया। इसके चलते वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को संभागायुक्त संजीव सिंह ने सस्पेंड कर दिया था। - निगम के अधिकारियों और इंजीनियरों से होगी पूछताछ स्लाटर हाउस के मामले में अब निगम के संस्पेंड कर्मचारियों के साथ पूर्व अधिकारियों और इंजीनियरों व एसबीएम के सलाहकारों से भी पूछताछ की जानी है जिनके इसके कई और पहलू सामने आ सकते हैं। - इनको किया गया सस्पैंड स्लॉटर हाउस में तैनात वसीम खान, सलीम खान, राजा खान, शेख यूसुफ, वहीद खान, मोहम्मद फैयाज खान, ईसा मोहम्मद और अब्दुल रहमान को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, युसूफ खान, अब्दुल हकीम और मोहम्मद रफीक को नोटिस थमाए गए हैं। - पुलिस ने जप्त किये दस्तावेज पुलिस ने शुक्रवार को नगर निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी फाइलें और दस्तावेज जब्त किए। इनमें वर्ष 2014-15 से अब तक के टेंडर, अनुमति पत्र और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। प्रभारी सहायक यंत्री सौरभ सूद समेत दो कर्मचारियों को लगातार दो दिन से जहांगीराबाद थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है। - असलम की संपत्ति भी आ सकती है जॉच के दायरे में सूत्रो के मुताबिक मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा की संपत्ति पर भी एसआईटी की नजर है। गौरतलब है, कि असलम चमड़ा ने 30 से अधिक वर्षों से मवेशियों के अवशेषों और मांस के अवैध कारोबार से भोपाल में कई संपत्ति और बंगलें बनाये हैं। इसके अलावा, उन संपत्तियों की भी जांच हो रही है जहां मृत पशुओं को छिपाकर रखा जाता था। इसके अलावा स्लॉटर हाउस में गोवंश की हत्या कर गोमांस को खाड़ी देशों सहित अन्य स्थानों पर भेजने से पहले अन्य शहरों में कहां कहां रखता था वहां पर उसकी कितनी संपत्ति है इसकी भी जांच की जाएगी। पुलिस और जांच एजेंसियां असलम द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटा रही हैं, जिसस यह साफ हो सके की उसने गोमांस के अवैध कारोबार से कितनी संपत्ति अर्जित की है। उसके नेटवर्क के तार खंगालने के लिये पुलिस शहर की गोशालाओं से भी असलम के कनेक्शन की छानबीन करेगीं। क्योंकि इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि गोकशी के लिये इतनी मात्रा में गायों को कहां से लाया जाता था। - स्लाटर हाउस के सामने मेट्रो की जमीन पर मवेशियों की नीलामी पर रोक प्रशासन ने सख्ती करते हुए स्लाटर हाउस के सामने मेट्रो की जमीन पर होने वाली मवेशियों की नीलामी पर रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार इसके चलते शनिवार सुबह यहां पर बाहर से लाये जाने वाले मवेशियों की भीड़ नजर नहीं आयी लेकिन पीछे रेलवे लाइन के पास कई लोग मवेशियों को खरीदते बेचते नजर आये। दूसरी तरफ स्लाटर हाउस के सामने भारी संख्या में पुलिस बल सुरक्षा के लिहाज से तैनात किया गया है। जुनेद / 24 जनवरी