- दुग्ध अभिषेक, पुष्प अर्चन - नर्मदा प्रकटोत्सव पर आज बहेगी भक्ति की धारा जबलपुर (ईएमएस)। जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जन्मोत्सव के मौके पर आज शहर में विविध आयोजन किए गए हैं। जगह-जगह माँ नर्मदा जी की प्रतिमा स्थापित की गई हैं। हवन, पूजन भंडारों का आयोजन किया गया हैं। शहर के पावन नर्मदा तट गौरीघाट, उमाघाट, जिलहरी घाट, तिलवारा घाट, भेड़ाघाट में पुण्य सलिला नर्मदा तट पर श्रद्धालु उपस्थित होकर स्नान ध्यान और पूजन कर मां नर्मदा का गुणगान करेंगे। नर्मदा जन्मोत्सव पर्व को लेकर शहर भर में चौतरफा उल्लास के साथ भक्तिभाव का नजारा दिखाई दे रहा है। प्रकटोत्सव की पूर्व संध्या पर जहां गौरीघाट में माँ नर्मदा का एक हजार एक सौ फीट चुनरी से भव्य श्रृंगार किया गया। वहीं शहर के अनेक स्थानों पर नर्मदा मैया की प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। जिनकी शोभायात्रा आज रविवार को बाजे गाजे के साथ निकाली जायेगी। प्रकटोत्सव पर्व को लेकर आज नर्मदा के विभिन्न तटों पर खासतौर से गौरीघाट में भक्तों की अच्छी खासी भीड़ जुटेगी जहां श्रद्धालुजन भक्तिभाव के साथ नर्मदा तटों पर पुण्य स्नान कर मां नर्मदा का पूजनपाठ, दुग्धाभिषेक, दीपदान करेंगे। शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि जो फल गंगा में स्नान के बाद मिलता है, वैसा फल नर्मदा के दर्शन मात्र से मिलता है। 1100 फुट की चुनरी से किया श्रृंगार .............. मां नर्मदा उमाशंकर चुनरी भक्त समिति के द्वारा उमाघाट पर 1100 फुट की चुनरी नर्मदा मैया को इस पार से उस पर गुरुद्वारा घाट तक अर्पित की गई 51 लीटर दूध से दुग्धआभिषेक किया गया| गर्भ ग्रह से नर्मदा मैया की पादुका पूजन किया गया| विशेष नाव में हलवा व 56 भोग का भंडारा महा आरती के बाद वितरित किया गया| इस अवसर पर स्वामी नरसिंहदास महाराज, स्वामी गिरिशनन्द महाराज, स्वामी मुकुंद दास महाराज मैत्री दीदी इंद्रभान महाराज चंद्रशेखरआनंद महाराज निशा कृष्णा दीदी राम बहादुर महाराज राजेश योगी महाराज राम भारती महाराज संतोष शास्त्री सुरेंद्र नाथ महाराज बड़ी खेरमाई ट्रस्ट के अध्यक्ष शरद अग्रवाल उपस्थित थे पूजन अर्चन पं सौरभ दुबे ने कराया| इस अवसर पर चुनरी समिति के संरक्षक नर्मदा महा आरती के संस्थापक डॉ सुधीर अग्रवाल समिति समिति अध्यक्ष जयकिशन गुप्ता एडवोकेट नर्मदा पुत्र अमर सिंह ठाकुर डॉ सुचित्रा मिश्रा राकेश अहिरवार सोनू सैनी प्रमोद नगर सुरेंद्र खरे राजेश साहू समीर पटेल नितेश पटेल अतुल विश्वकर्मा अंकुर श्रीवास्तव मोनू सोनकर आशीष बाजपेई गोलू पुरी गोस्वामी कमल विश्वकर्मा मनोज कुशवाहा आदि उपस्थित थे| भोर होते ही जुटेगी भीड़............ नर्मदा प्रकटोत्सव पर्व को लेकर नर्मदा भक्तों में अपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। शहर के अनेक स्थानों पर मां नर्मदा की मनोहारी प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। जगमग रोशनी से सजे पंड़ालों में भक्तिगीत गूंज रहे हैं, वहीं प्रकटोत्सव पर्व पर भोर होते ही रेवा तट ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट में भक्तों का जनसैलाब उमड़ेगा। नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी श्रद्धालुजन नर्मदा मैया के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने यहां पहुंचेगे। प्रतिमाओं के जुलूस आज..... नर्मदा प्रकटोत्सव पर जगह-जगह मां रेवा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। दमोह नाका चौक, कोतवाली, रामपुर चौराहा, गोरखपुर, पोलीपाथर, सदर, रानीताल, रांझी, गढ़ा के विभिन्न क्षेत्रों में मां रेवा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इन प्रतिमाओं को आज पूजन अर्चन के साथ जुलूस के रूप में विसर्जन के लिये गौरीघाट ले जाया जाएगा। अर्पित करें दुग्ध और लाल पुष्प............. ज्योतिषाचार्य पं. पीएल गौतमाचार्य ने ईएमएस को बताया कि दूध की धार और लाल पुष्प मां नर्मदा को अत्यंत प्रिय है। जो श्रद्धालु मां नर्मदा के जल में दूध और लाल पुष्प और चुनरी अर्पित कर ओम नर्मदाये नम: का 108 बार मंत्र जाप करते हैं, उसे वर्ष भर धन धान्य की प्राप्ति और संकट विपत्ति से छुटकारा मिलता है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम............. नर्मदा प्रकटोत्सव पर रेवातट पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुये जिला, पुलिस और नगर निगम प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये हैं। घाटों पर किसी अनहोनी की घटना के नियंत्रण हेतु गोताखोरों की तैनाती की गई है साथ ही पर्याप्त पुलिस बल, सुरक्षा सैनिकों, मोटर वोट के अलावा स्वयंसेवक सुबह से शाम तक सुरक्षा व्यवस्था में नजर रखे हुये दिखाई देंगे। आज नौकाओं का संचालन प्रतिबंधित रहेगा.................. जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर श्रृद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर नर्मदा जयंती पर माँ नर्मदा के घाटों गौरीघाट, जिलहरीघाट, लम्हेटाघाट, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट एवं सरस्वतीघाट पर नौकाओं के संचालन को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है। नर्मदा किनारे स्थित गांवों के नागरिकों के परिवहन हेतु नियमित रूप से संचालित की जा रही नौकाओं को इससे छूट रहेगी। शेष सभी नौकाओं से 25 जनवरी को नर्मदा जन्मोत्सव पर किसी भी प्रकार का परिवहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। सुनील साहू / मोनिका / 24 जनवरी 2026