राष्ट्रीय
24-Jan-2026


* 21 करोड़ की लागत से बनी टंकी ढही, ठेकेदार द्वारा भाजपा को दिए गए चंदे का आरोप - कांग्रेस ने पारदर्शी जांच की मांग की अहमदाबाद (ईएमएस)| “कमीशन दो, टेंडर लो” और “चंदा दो… धंधा लो” - भाजपा के कथित मॉडल की सच्चाई उजागर करते हुए गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया कन्वीनर एवं प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने कहा कि सूरत जिले में 21 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित पानी की टंकी के गिरने की घटना भाजपा शासन में व्याप्त भ्रष्टाचार का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस टंकी के ठेकेदार जयन्ती सुपर कंस्ट्रक्शन ने विभिन्न बैंकों के चेक के माध्यम से भाजपा को बड़ी राशि का चंदा दिया है और वही ठेकेदार दक्षिण गुजरात में भाजपा के “आशीर्वाद” से करोड़ों रुपये के कई अन्य कार्य भी कर रहा है। डॉ. दोशी ने कहा कि शहर, जिला और गांवों का विकास हो या न हो, लेकिन भाजपा नेताओं का विकास पूरी रफ्तार से हो रहा है। राज्य की भाजपा-शासित नगरपालिकाओं, महानगरपालिकाओं और जिला पंचायतों में विकास के नाम पर बड़े घोटाले सामने आ रहे हैं, जिनका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सूरत तक्षशिला अग्निकांड, वडोदरा हरणी बोट हादसा, मोरबी झूलता पुल दुर्घटना और राजकोट टीआरपी गेम ज़ोन अग्निकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी घटनाओं में भाजपा शासन के “भयमुक्त भ्रष्टाचार” की पोल खुली है, जिसमें निर्दोष बच्चे और नागरिक मारे गए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट हो या माननीय उच्च न्यायालय की फटकार, बावजूद इसके सरकारी तंत्र में सुधार नहीं हो रहा है। भाजपा ने विकास कार्यों में “कमलम कमीशन व्यवस्था” खड़ी कर दी है, जिसके चलते आम नागरिकों की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी हो रही है और मानव-निर्मित आपदाएं बार-बार घटित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलों और निर्माण कार्यों के बार-बार ढहने से लाखों लोगों की जान खतरे में है, फिर भी भाजपा सरकार की “आपराधिक चुप्पी” बेहद चिंताजनक है। कंपनियों से करोड़ों रुपये का चुनावी फंड लेने में रुचि रखने वाली भाजपा सरकार नागरिकों की सुरक्षा को दांव पर लगा रही है। कांग्रेस ने मांग की कि पिछले 20 वर्षों में भाजपा-शासित नगरपालिकाओं, महानगरपालिकाओं और अन्य सार्वजनिक संस्थाओं में विकास के नाम पर दिए गए करोड़ों रुपये के टेंडरों की “चंदा दो… धंधा लो” मॉडल के तहत पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि यह साफ हो सके कि असली विकास किसका हुआ - गुजरात का या भाजपा नेताओं का। सतीश/24 जनवरी