पटना, (ईएमएस)। भूमिहीन गरीबों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘अभियान बसेरा’ में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। दरअसल समीक्षा में पाया गया कि कई अंचलाधिकारियों ने योग्य आवेदकों को भी ‘नॉट फिट फॉर अलॉटमेंट’ बताकर अयोग्य घोषित कर दिया। पटना सिटी और जगदीशपुर में तो 98 प्रतिशत आवेदन इसी आधार पर रद्द कर दिए गए। इस मामले में पाटलिपुत्र, पटना सदर, फतुहा, बेतिया, कटिहार, जगदीशपुर सदर और रक्सौल के अंचलाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने इन अंचलों में जांच कराने का भी निर्णय लिया है। सरकारी भूमि के सत्यापन में लापरवाही के मामले भी सामने आए हैं। पटना सदर, पटना सिटी, सिमरी बख्तियारपुर, शाहपुर, बोधगया, बथानी, टनकुप्पा, नौहट्टा, पोठिया और बसंतपुर के अंचलाधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। इसके अलावा जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार यानी परिमार्जन कार्य में भी कई अंचलाधिकारियों की सुस्ती उजागर हुई है। नियमों के अनुसार परिमार्जन का कार्य अधिकतम 75 दिनों में पूरा होना चाहिए, लेकिन बोधगया, औरंगाबाद, पूर्णिया पूर्वी, बगहा-दो, फारबिसगंज, सासाराम, रानीगंज और अररिया के अंचलों में इस काम में अनावश्यक देरी की गई। जमीन की मापी के मामलों में भी बेनीपट्टी, लखनौर, मधेपुर, गढ़हनी, मदनगंज, सिकटी, बाराचट्टी, सोनो और शाम्हो अकहा कुरहा के अंचलाधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कहना है कि आम जनता से जुड़े जमीन संबंधी मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने साफ कर दिया है कि समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। संतोष झा- २४ जनवरी/२०२६/ईएमएस