अंतर्राष्ट्रीय
25-Jan-2026


ढाका(ईएमएस)। बांग्लादेश में संसदीय चुनावों की आहट के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। निर्वासन में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है। शेख हसीना ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से बांग्लादेश की जनता को संबोधित करते हुए वर्तमान शासन को अवैध करार दिया और इसे उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि यूनुस सरकार सत्ता में बनी रहती है, तो देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं होगा।अवामी लीग के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बहाउद्दीन नसीम ने अंतरिम सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के हाथ निर्दोषों के खून से सने हुए हैं। नसीम के अनुसार, वर्तमान शासन में मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे आम जनता का जीवन संघर्षमय हो गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में लेखकों, कवियों, अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर उनकी हत्या की साजिशें रची जा रही हैं। उनके मुताबिक, सरकार न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है, बल्कि वह सक्रिय रूप से कट्टरपंथी ताकतों को संरक्षण और बढ़ावा दे रही है। शेख हसीना ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचते हुए संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि वह पिछले वर्ष बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जांच करे। अगस्त 2024 में व्यापक जन-आंदोलन के बाद ढाका छोड़कर भारत आने वाली 78 वर्षीय नेता ने संविधान की बहाली और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए जनता से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने देश के वर्तमान हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बांग्लादेश आज चरमपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी तत्वों के हमले से जर्जर हो चुका है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों के लिए प्रचार अभियान शुरू हो चुका है, लेकिन अवामी लीग को इन चुनावों में भाग लेने से रोक दिया गया है। ऐसे में शेख हसीना का यह ऑडियो संदेश उनकी पार्टी की राजनीतिक वापसी की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। शेख हसीना और उनके सहयोगियों के इन बयानों ने पड़ोसी देश में चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक टकराव की आशंका बढ़ गई है। वीरेंद्र/ईएमएस/25जनवरी2026