25-Jan-2026
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जयपुर (ईएमएस)। प्रदेश में मधुमक्खी पालन को एक लाभकारी, टिकाऊ एवं रोजगारोन्मुख कृषि व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषि प्रबंध संस्थान, दुर्गापुरा में दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने की।सेमिनार में श्रीमती राजपाल ने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों की आय वृद्धि का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। शहद, मधुमोम, रॉयल जेली, परागकण एवं प्रोपोलिस जैसे उच्च मूल्य वाले मधुमक्खी उत्पाद न केवल पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी व्यापक मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ किसानों एवं युवाओं को अवश्य लेना चाहिए।प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि मधुमक्खी पालन पर्यावरण संरक्षण एवं फसल उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को इस क्षेत्र से जोड़ने पर विशेष बल दिया।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भरतपुर एवं टोंक जिलों में मधुमक्खी पालन के उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे मधुमक्खी पालकों को वैज्ञानिक तकनीक, तकनीकी प्रशिक्षण तथा विभिन्न समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी। उन्होंने लोगों को मधुमक्खी उत्पादों के लाभों के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अशोक शर्मा/ 4 बजे/ 25 जनवरी 2026