- आला अधिकारियों का मास्टर डाटा होगा तैयार भोपाल (ईएमएस)। मंत्रालय के प्रथम और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों की ष्टक्र अब ऑनलाइन की जाएगी। इन अफसरों का मास्टर डाटा तैयार किया जाएगा और वर्कफ्लो चैनल भी बनेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय में पदस्थ सभी प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के गोपनीय प्रतिवेदन ऑनलाइन भरने और सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों से संबंधित सभी जानकारियां 25 मार्च 2026 से पूर्व मांगी हैं। इन जानकारियों के आधार पर मंत्रालय में काम कर रहे प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का मास्टर डाटा तैयार किया जाएगा। इसमें कर्मचारी का नाम, वर्तमान पद, पदनाम, श्रेणी, वेतनमान, विभाग का नाम जहां कर्मचारी पदस्थ है। सरकारी ईमेल आईडी की जानकारी जिसमें उनका नाम शामिल हो, वर्तमान विभाग में पदस्थापना की तिथि, अधिकारी की जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो, यह सारी जानकारी विभागों से मांगी गई है। इसके बाद एक अप्रैल 2025 से लेकर 31 मार्च 2026 तक का अधिकारी, कर्मचारी का वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन वर्कफ्लो चैनल भी तैयार किया जाएगा। रिपोर्ट देखने वाले अधिकारियों का भी रहेगा पूरा रिकॉर्ड वर्कफ्लो चैनल में वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, प्रतिवेदक कौन है, समीक्षक कौन है और स्वीकारकर्ता अधिकारी कौन है, उनके नाम और पद का पूरा ब्यौरा भी देना होगा। इसमें किस अवधि में किस प्रतिवेदक, समीक्षक और स्वीकारकर्ता ने संबंधित अधिकारी की सीआर तैयार करने में योगदान दिया है, उसका पूरा ब्यौरा देना होगा। इसके आधार पर गोपनीय प्रतिवेदन का वर्कफ्लो चैनल तैयार किया जाएगा। अधिकारियों को देना होगा साइन के साथ पूरा फॉर्मेट इस वर्कफ्लो चैनल पर प्रतिवेदक अधिकारी और कर्मचारी अधिकारी, जिनकी सीआर है, उनके हस्ताक्षर और मुहर भी लगाना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका पूरा फॉर्मेट तय कर दिया है। इसी फॉर्मेट में प्रथम और द्वितीय श्रेणी के हर अधिकारी की पूरी जानकारी मांगी गई है। मार्च 2026 के बाद यह सारी जानकारी तैयार हो जाएगी। विभाग सीधे मॉनिटरिंग कर सकेंगे सीआर ऑनलाइन हो जाने से उसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी सामान्य प्रशासन विभाग और विभाग सीधे कर सकेंगे। इससे सीआर लंबे समय तक नहीं लिखे जाने और जमा नहीं किए जाने से पेंडेंसी अब खत्म होगी और इसमें देरी करने वालों की जवाबदारी तय कर उन्हें दंडित भी किया जा सकेगा। ष्टक्र समय पर उपलब्ध होने से प्रमोशन में होने वाले विलंब से भी बचा जा सकेगा। कर्मचारी अधिकारी के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन का वर्कफ्लो चैनल भी बन जाएगा। इसमें प्रतिवेदक, समीक्षक और स्वीकारकर्ता की भूमिका और इसमें देरी करने वाले अधिकारी भी चिन्हित हो सकेंगे। इसके लिए उन्हें दंडित और मोटिवेट करने का काम भी हो सकेगा। विनोद / 25 जनवरी 26