25-Jan-2026
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- लाखों की लागत से बना प्लांट बंद होने की कगार पर -जिला प्रशासन प्लांट का संचालन गांव की जीविका दीदियों को सौंपने की तैयारी में जमुई,(ईएमएस)। पटना के जमुई जिले का पहला गोबर गैस प्लांट प्रखंड के हरला पंचायत अंतर्गत दोनहा गांव में लगाया गया था। बीते साल सीएम नीतीश कुमार ने समाधान यात्रा के दौरान जमुई आगमन के क्रम में रिमोट के जरिए इस जनकल्याणकारी योजना का उद्घाटन किया था। करीब 49 लाख 95 हजार रुपए की लागत से बने इस प्लांट को ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा था, लेकिन निर्माण के बाद से ही यह विवादों में घिरा रहा। वर्तमान स्थिति यह है कि गोबर गैस प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी इसे सुचारू रूप से चलाने में विफल रही हैं। परिणामस्वरूप प्लांट बंद होने के कगार पर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब जिला प्रशासन इस प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी गांव की जीविका दीदियों को सौंपने की तैयारी में है। इसे लेकर जल्द ही ग्रामीणों एवं जीविका समूह की महिलाओं के साथ बैठक आयोजित कर जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा की जा सकती है। पूर्व में एजेंसी के अधिकारियों द्वारा दोनहा गांव की कुछ महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था, जिसमें गोवर्धन योजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। हालांकि हकीकत यह है कि जिन महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया, उनके घरों में अब तक गैस कनेक्शन और आपूर्ति के लिए पाइप लाइन तक नहीं बिछाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक योजना के तहत इस प्लांट से गांव के करीब 50 घरों में गैस आपूर्ति की जानी थी। पाइप लाइन तो करीब 50 घरों तक पहुंच गई, लेकिन आज तक गैस आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गोबर की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से प्लांट सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने तय दर पर कई ट्रेलर गोबर प्लांट को उपलब्ध कराया है, लेकिन निर्माण के एक साल बीत जाने के बावजूद अब तक गोबर की कीमत का भुगतान नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अब देखना है कि प्रशासन द्वारा जीविका दीदियों को जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर कितनी सफल होती है। सिराज/ईएमएस 25जनवरी26