राष्ट्रीय
25-Jan-2026
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-भक्त राधा-कृष्ण को ताजे फूल से बने रंग और गुलाल चढ़ाते हैं नई दिल्ली,(ईएमएस)। ब्रज की होली शुरुआत बसंत पंचमी से हो चुकी है, जो श्रीकृष्ण की भूमि पर मनाए जाने वाले 40 दिवसीय रंगोत्सव का प्रतीक है। वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और मथुरा में मनाया जाने वाला यह होली उत्सव अपनी भक्तिमय रीति-रिवाज, जीवंत परंपराओं और गहरी सांस्कृतियों को जोड़ने वाला माना जाता है। राधा-कृष्ण की अद्भुत लीलाओं से जुड़ा ब्रज क्षेत्र 40 दिनों तक रंगों और भक्ति में डूबा रहता है। मंदिर के आंगन से लेकर पतली गलियों तक हर कोने में होली की भावना पारंपरिक रूप से देखने को मिलती है। जानकारी के मुताबिक ब्रज में होली नई शुरुआत, भक्ति और खुशी का प्रतीक माना जाता है। खास रस्मों में मंदिर के अंदर होली का डंडा लगाना, जो उत्सव के रस्मों की शुरुआत का संकेत है। रंगोत्सव के दौरान, भक्त राधा-कृष्ण को ताजे फूल से बने रंग और गुलाल चढ़ाए जाते हैं। ब्रज के मंदिरों में फूलों की होली, लट्ठमार होली और लड्डू मार होली जैसे अनोखे उत्सव होते हैं, जो आज से नहीं, बल्कि पुरानी परंपरा है। भक्तों के लिए ब्रज में होली खेलना एक आशीर्वाद का प्रतीक है। बता दें ब्रज होली 40 दिनों तक चलती है, जिसमें आस्था, लोकगीत का मिलाजुला त्योहार होता है। हर रस्में राधा-कृष्ण के बीच दिव्य मिलन को दर्शाती है, जिससे भक्तों को पवित्र परंपराओं में बताई गई होली का अनुभव प्राप्त करने का दुर्लभ मौका मिलता है। वृंदावन के मंदिरों से लेकर बरसाना की गलियों और नंदगांव के आंगनों तक ब्रज होली भक्ति, रंग और सांस्कृतिक विरासत की एक बेहतरीन यात्रा का भरोसा दिलाता है। ब्रज में होली की तिथियां दिनांक दिन घटना स्थान 24 फरवरी मंगलवार लड्डू मार होली (फाग निमंत्रण) श्री जी मंदिर, बरसाना 25 फरवरी बुधवार लठमार होली रंगिली गली, बरसाना 26 फरवरी गुरुवार लठमार होली नंद भवन, नंदगाँव 27 फरवरी शुक्रवार रंगभरनी एकादशी/फूलों वाली होली बांकेबिहारी मंदिर, वृन्दावन 1 मार्च रविवार छड़िमर होली गोकुल 2 मार्च सोमवार रमन रेती होली / विधवा होली गोकुल और वृंदावन 3 मार्च मंगलवार होलिका दहन द्वारकाधीश मंदिर मथुरा और अन्य मंदिर 4 मार्च बुधवार मथुरा, वृन्दावन बरसाना, नंदगांव और गोकुल 5 मार्च गुरुवार दाऊजी का हुरंगा मथुरा में दाऊ जी मंदिर सिराज/ईएमएस 25जनवरी26