पग-पग ब्रम्हांड़ घाट पहुंचे बच्चों से लेकर बुजुर्ग करेली (ईएमएस)। रविवार व नर्मदा जयंती ने भक्तों की भीड को बढा दिया। पिछले दो दिन से पडोसी जिले के कौने-कौने से पग-पग चलकर जाने वाले जत्थों का अनवरत क्रम जारी था जिस तरह भोर से ही बरमान के दोनो तट सहित लिंगा घाट, शगुन घाट बरिया घाट, खामघाट, रेवा नगर, धर्मपुरी में ही श्रद्धालु जुटे रहे। एक अनुमान के मुताबिक 10 लाख लोगो ने नर्मदा प्राकटोत्सव पर नमन किया। पैदल यात्रियों कर तादाद लगातार बढती जा रही है श्रद्धालुओं की सैंकड़ों टोलियां त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे दर्शन मात्र से मानव का कल्याण करने वाली माता नर्मदा के प्रति असीम श्रद्धा व्याप्त है। महापर्व श्री नर्मदा जयंती पर श्रद्धालुओं का नर्मदा दर्शनों के लिए सुबह से पदयात्रा शुरू हो गई थी। दोपहर होते होते सड़कों पर श्रद्धालुओं की कई सैंकड़ों टोलियां नजर आने लगी। श्रद्धालुओं की सेवा में नगर के लोगों ने भी सड़क किनारे पंडाल लगाकर प्रसादी का वितरण किया गया। माँ नर्मदा के दोनो तट तक विशालकाय चुनरी भक्तों ने मां रेवा को अर्पित की। कल-कल करती धारा को जब श्रद्धालु देखते है तब तो उनका मन श्रद्वा से नतमस्तक हो जाता है। दर्शन मात्र से मानव का कल्याण करने वाली माता नर्मदा के प्रति असीम श्रद्धा व्याप्त है। महापर्व श्री नर्मदा जयंती पर श्रद्धालुओं का नर्मदा दर्शनों के लिए सुबह से पदयात्रा शुरू हो गई थी। 125 किमी से पैदल आये भक्त वही बरमान से लगभग 125 किमी दूर स्थित गणेशगंज, आदेगांव व आसपास के दर्जन भर गांव से 250 भक्तों का जत्था पैदल पहुंचा। दोपहर होते होते सड़कों पर श्रद्धालुओं की कई सैंकड़ों टोलियां अनेक चुनरी यात्रा के साथ नजर आने लगी। श्रद्धालुओं की सेवा में नगर के लोगों ने भी सड़क किनारे पंडाल लगाकर प्रसादी का वितरण किया गया। सुबह से ही आमगांव, मोहद, खमरिया, कनवास, बटेसरा, बंदेसुर, करेली, सिंगोटा, कामती, गोंगावली, नरसिंहपुर, सागर, देवरी, गौंरझामर, महाराजपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लाखों श्रृद्वालु विभिन्न वाहनो से पैदल एवं टोलियों के साथ दर्शनों के लिए निकल पड़े। मॉ नर्मदा का जयकारा करते हुये सैकड़ों टोलियां दीपदान करने शाम तक नर्मदा तट पर पहुंची। करेली से लेकर बरमान रेतघाट, सीढी घाट, सतधारा घाट तक भारी भीड़ रही। भीड़ का न टूटने वाला मंजर 2025 में मां नर्मदा प्रकटोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओ की भीड के कारण वाहन रेंगते नजर आये। बरमान घाट पहुंचने के लिये बहुत दूर दूर से श्रद्धालु लोकल टेेªेनों भी भारी संख्या में करेली स्टेशन पर पहुंचे, वहीं देखा गया कि कई भक्त तो एक दिन पहले ही नगर में आ गये जिससे कि वह मां के दर्शनों हेतु बरमान घाट पहुंच सके। यह श्रद्धालु नगर से पदयात्रा करते हुये मॉ नर्मदा के तट तक पहुंचे। अनेको जन स्वयं के वाहन व अन्य वाहनों द्वारा भी मां नर्मदा के दर्शन लाभ लेने बरमान घाट पहुंचे। करेली बरमान चैराहे से रेत घाट तक भीड़ का न टूटने वाला काफिला का मंजर रहा आवागमन क़े लिए पुलिस व्यवस्था मुस्तेद रही। मानव श्रृंखला सा बना नजारा नर्मदा जयंती के पावन पर्व पर वर्ष दर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ौत्तरी होती जा रही है। इस दिन अधिकतर श्रद्धालु पैदल ही नर्मदा तट तक जाते है। नगर से बरमान के रेत घाट तक पूरे दिन श्रद्धालुओं के आने-जाने वालांे की कतार लगी रही। इसकी मुख्य वजह लोगों में मां नर्मदा के प्रति असीम आस्था है। मां नर्मदा में श्रद्धालुओं में अपार श्रद्धा के चलते लाखों लोगोे ने मॉ के दर्शनों के लिए पद यात्रा की। सुबह से ही खमरिया, करेली, नरसिंहपुर, सागर, देवरी, गौंरझामर, महाराजपुर, आमगांव बड़ा, शाहपुर, भौरझिर, बटेसरा आदि सहित ग्राम कौडिया से माँ नर्मदा मैया के लिये पैदल चुनरी यात्रा निकली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से मॉ नर्मदा का जयकारा करते हुये सैकड़ों टोलियां दीपदान करने शाम तक नर्मदा तट पर पहुंची। करेली से लेकर बरमान तक भारी भीड़ रही। स्वस्फूर्त लगे भंड़ारे करेली बस्ती से गांेगावली तक नगर से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में नगर के विभिन्न संगठनों द्वारा पंडाल लगाकर नवरत्न पोहा, चाय-पानी, गन्ने का चटपटा मीठा रस, टॉफी, हलुआ, फलाहारी खिचडी, लड्डू, खीर, पुरी, नमकीन, पानी, चाय, भजिया, दूध, मावे के पेड़े, राजगिर की लैया, स्वादिष्ट खिचड़ी, प्रसाद सहित पेयजल वितरण कर स्वस्फूर्त श्रद्धालुओं की सेवा की गई। जिनमें जिला गुड व्यापारी संघ, शिवधाम सेवा समिति स्वर्णकार समाज, करेली शुगर मिल, जीव दया सेवा समिति, मां नर्मदा सेवा समिति मां नर्मदा भंडारा, मदार टेकरी, मां नर्मदा सेवा समिति अन्य दर्जनांे संगठनों के द्वारा पंडाल लगाकर भण्डारा किया गया। वहीं ग्रामीण अंचलांे के लोगांे ने भी जगह-जगह स्टाल लगाकर प्रसादी पूरे श्रद्धा भाव से पंडाल लगाकर विभिन्न प्रकार की प्रसादी के साथ पानी का वितरण किया। बस्ती से फाटक तक 20 भंड़ारे करेली बस्ती से रेलवे फाटक तक ही बरमान जाने वाले नर्मदा भक्तों की सेवार्थ लगभग 20 विशाल भंडारे लगाए गए जिसमें छैना रसगुल्ला चाय बिस्कुट साबूदाना खिचड़ी केला कॉफी मूंगदाल खिचड़ी सूजी हलवा कढ़ी चावल सब्जी पूरी मुंगोड़ी मिक्स खिचड़ी पानी पाउच आदि वितरित किए गये वहीं इंकलाब ग्रुप बजरंग चैक द्वारा रात्रि से ही कढ़ी चावल पुड़ी अनवरत जारी रहा एवं शिवधाम सेवा समिति बिजली कालोनी द्वारा मिक्स खिचड़ी का वृहद वितरण किया गया। शासन प्रशासन को व्यवस्था बनाने कड़ी मशक्कत करना पड़ी बढ़ती भीड़ पर आने वाले समय पर और सुविधाजनक इंतजाम पूर्व से ही करना होंगे। दीपों से झिलमिला उठे दोनों घाट नर्मदा जयंती पर बरमान घाट, रामघाट, सतधारा घाट पर श्रद्वालुओं ने दीपदान किए। इस मौके पर हजारों श्रद्वालुओं ने पूरी श्रद्वा के साथ मां नर्मदा का पूजन अर्चन कर दीपदान कर अपने सुखी जीवन की कामना की। नर्मदा जयंती के अवसर पर सुबह से ही भक्तों का बरमान घाट पहुंचने का सिलसिला निरंतर चलता रहा। शाम के समय भक्तों ने दीपदान किए। दीपों से दोनों घाट झिलमिला उठे यह दृश्य इतना मोहक था कि इसे लोेग देखते रहे। लाखो दीपों से मां रेवा का तट जगमगा गया। ईएमएस/राहुल वासनिक/ 25 जनवरी 2026