ज़रा हटके
27-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। न्यूट्रिशनिस्ट्स की माने तो सभी तरह के चावल शरीर पर एक जैसा असर नहीं डालते। सही किस्म का चुनाव किया जाए तो डायबिटीज़ के मरीज भी चावल का स्वाद लेते हुए ब्लड शुगर को कंट्रोल में रख सकते हैं। दरअसल, किसी भी भोजन का ब्लड शुगर पर असर उसके ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानी जीआई पर निर्भर करता है। जीआई यह बताता है कि कोई खाद्य पदार्थ खाने के बाद ब्लड शुगर कितनी तेजी से बढ़ेगी। हाई जीआई वाले खाद्य पदार्थ जल्दी पचते हैं और शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा देते हैं, जबकि लो जीआई वाले खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे पचते हैं और शुगर का स्तर संतुलित रखते हैं। सफेद चावल का जीआई आमतौर पर 70 से 90 के बीच होता है, इसलिए इसे डायबिटीज़ के लिए कम उपयुक्त माना जाता है। डायबिटीज़ के मरीजों के लिए रेड राइस एक बेहतर विकल्प माना जाता है। इसका जीआई अपेक्षाकृत कम होता है और यह फाइबर, प्रोटीन व एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह न केवल ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है, बल्कि शरीर में सूजन कम करने और इंसुलिन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में भी मदद करता है। इसी तरह ब्लैक राइस, जिसे फॉरबिडन राइस भी कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसका जीआई काफी कम होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायक होते हैं। ब्राउन राइस भी डायबिटीज़ के मरीजों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती। इसके नियमित सेवन से दिल की सेहत को भी फायदा मिलता है। वहीं बासमती चावल, खासकर ब्राउन बासमती, सामान्य सफेद चावल की तुलना में बेहतर माना जाता है। इसकी खुशबू और हल्का स्वाद इसे लोकप्रिय बनाता है, जबकि इसका जीआई भी अपेक्षाकृत कम होता है। वाइल्ड राइस भी लो जीआई कैटेगरी में आता है और इसमें कार्बोहाइड्रेट कम तथा फाइबर अधिक होता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और ब्लड शुगर को स्थिर बनाए रखता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि डायबिटीज़ में चावल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि सही किस्म और सही मात्रा चुनना जरूरी है। चावल को सब्ज़ियों और प्रोटीन के साथ खाने से उसका असर और भी संतुलित हो जाता है। साथ ही नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग और संतुलित आहार अपनाकर डायबिटीज़ के मरीज भी स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। बता दें कि डायबिटीज़ के मरीजों के लिए खानपान में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि क्या खाया जाए और क्या नहीं। खासतौर पर चावल को लेकर अक्सर भ्रम रहता है, क्योंकि आम तौर पर इसे ब्लड शुगर बढ़ाने वाला माना जाता है। सुदामा/ईएमएस 27 जनवरी 2026