-बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घरों को उजाड़ना, मानवाधिकार का उल्लंघन मुंबई,(ईएमएस)। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के वन क्षेत्रों में सालों से रह रहे आदिवासियों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। सोमवार को प्रशासन द्वारा आदिवासियों की बस्तियों को तोड़ने के विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित घर के बाहर रातभर प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वे पीढ़ियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। उन्होंने सोमवार को प्रशासन द्वारा उनके आवासों पर की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई की निंदा की और देर रात डिप्टी सीएम शिंदे के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष ने कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना लागू नहीं हो जाती और प्रभावित परिवारों को फिर से बसाया नहीं जाता, तब तक तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले संगठन के एक पदाधिकारी के मुताबिक पुनर्वास योजना पर चर्चा का आश्वासन मिलने के बाद आदिवासियों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाली आदिवासी बस्तियों पर सोमवार को प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की। कार्रवाई से नाराज आदिवासियों का कहना है कि वे इन जंगलों में कई पीढ़ियों से रह रहे हैं और उनके पास यहां रहने का अधिकार है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों को उजाड़ना उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है। राज्य आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए हैं। सिराज/ईएमएस 27जनवरी26